गुरुग्राम-मानेसर की बिजली व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण 400/220 केवी एचवीपीएनएल दौलताबाद सब-स्टेशन के आसपास कचरा डंपिंग किसी बड़े हादसे का सबब बन सकती है। कचरा बीच रास्ते में ही डाला जा रहा है, जिससे बिजलीघर तक जाने का रास्ता भी बंद हो जाता है, जिससे अधिकारियों और कर्मचारियों को बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, कचरे के ढेर से उठ रही दुर्गंध और धुएं के साथ-साथ बड़ी संख्या में पक्षियों का जमावड़ा सबस्टेशन की सुरक्षा के लिए चुनौती बनता जा रहा है। बिजली कर्मियों ने बताया कि यदि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो इसका असर केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित न रहकर विद्युत आपूर्ति और बड़े क्षेत्र के ग्रिड पर पड़ सकता है। इन इलाकों को होती है बिजली आपूर्ति दौलताबाद 400/220 केवी सब-स्टेशन से जुड़े 66 केवी नेटवर्क के माध्यम से चंदू-बुढ़ेड़ा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, सेक्टर-2, 4, 9, हरसरु, रेलवे, सेक्टर-95, मारुति, आईएमटी मानेसर सेक्टर-1, सेक्टर-85, सेक्टर-107 और नूना माजरा, रोहतक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को बिजली आपूर्ति होती है। वहीं दौलताबाद बिजलीघर से जहाजगढ़, बाबूपुर, धर्मपुर, धनकोट, खेड़की माजरा, दौलताबाद, धनवापुर और बसई जल उपचार संयंत्र सहित कई क्षेत्रों को सीधे आपूर्ति मिलती है।