राहत भरी खबर: बीएचयू अस्पताल में ओपीडी के लिए ऑनलाइन बुकिंग की बाध्यता खत्म, कोरोना काल के पहले जैसी व्यवस्था लागू
बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में इलाज कराने आने वाले मरीजों के लिए ओपीडी की अॉनलाइन बुकिंग और मरीजों को भर्ती करने संबंधी जो भी बाध्यताएं थी उसे खत्म कर दिया गया है। अब कोरोना संक्रमण के पहले जैसी व्यवस्था लागू होगी।
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बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में इलाज कराने आने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अस्पताल और ट्रामा सेंटर में अब कोरोना संक्रमण को लेकर ओपीडी बुकिंग और मरीजों को भर्ती करने संबंधी जो भी बाध्यताएं थी उसे खत्म कर दिया गया है। अब कोरोना संक्रमण के पहले जैसी स्थिति में मरीजों को देखा जाएगा और उन्हें अस्पताल में भर्ती ऑपरेशन सहित अन्य सुविधाओं का भी लाभ पहले जैसा मिलेगा।
नई व्यवस्था आठ नवंबर से लागू होगी। बीएचयू अस्पताल, ट्रामा सेंटर की ओपीडी में जहां पहले मरीजों के दिखाने की कोई बाध्यता नहीं थी, वही संक्रमण की वजह से शुरू में ऑनलाइन बुकिंग से केवल हर विभागों की ओपीडी में 50 मरीजों के देखे जाने का आदेश जारी हुआ, इसके बाद जब कोरोना संक्रमण की स्थिति थोड़ी कम हुई तो मरीजों की संख्या बढ़ाकर 100 कर दी गई।
जिले में कोरोना का संक्रमण कम हो गया है और केवल एक ही एक्टिव मरीज हैं। अब आईएमएस बीएचयू प्रशासन की ओर से ओपीडी के लिए ऑनलाइन बुकिंग, कोरोना काल में ऑपरेशन के लिए लागू सभी बाध्यताओं को खत्म कर दिया गया है। आठ नवंबर से अब कोरोना के पहले जैसी स्थिति में मरीजों को देखा जाएगा। इसको लेकर आईएमएस बीएचयू प्रशासन की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है।
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इलाज के लिए नहीं भटकेंगे मरीज
बीएचयू अस्पताल, ट्रामा सेंटर में बनारस और आसपास के जिलों के साथ ही गोरखपुर, देवरिया सहित पूर्वांचल के अन्य जिलों के अलावा बिहार, झारखंड और नेपाल तक से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं।
ऑनलाइन ओपीडी और मरीजों के देखे जाने की संख्या को निर्धारित किए जाने से बहुत से मरीज ओपीडी में डॉक्टरों को नहीं दिखा पा रहे थे। अब अस्पताल प्रशासन की ओर से नया आदेश जारी होने से दूरदराज से आने वाले मरीजों को डॉक्टरों को दिखाने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें बेहतर इलाज भी मिल सकेगा।
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