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कोहरे और हवा ने बढ़ाई मुसीबत
ब्यूूराे/अमर उजाला अमराेहा
Updated Thu, 17 Dec 2015 12:38 AM IST
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पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते मौसम का मिजाज बुधवार को और तल्ख हो गया। कोहरे और हवा की जुगलबंदी के बीच पार लुढ़क गया। हाड़ कंपा देने वाली सर्दी ने अपना एहसास करा दिया है।
ठिठुरन बढ़ गई है। गर्म कपड़ों में भी हाथ-पांव सुन्ने पड़े लगे हैं। घना कोहरा और सर्दी के प्रकोप से औद्योगिक नगरी अमरोहा कांप उठा है।
पिछले कई दिनों से पहाड़ों पर जमकर बर्फबारी हो रही है। पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर बिछने लगी है। इससे मैदान इलाके भी कांप उठे हैं। बुधवार को कोहरे और बर्फीली हवाओं की जुगलबंदी ने पूस की ठंड का अहसास करा दिया।
न्यूनतम तापमान नौ डिग्री से कम रहा। सुबह नौ बजे तक क्षेत्र में घना कोहरा छाया रहा। लोग गर्म कपड़ों में लिपटे रहे, कंपकपी छूटती रही। गर्म कपड़ों में भी सर्दी दूर नहीं हुई और हाथ-पांव सुन्न पड़े रहे।
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शाम ढलते ही सड़कों पर आवाजाही रोजमर्रा के मुकाबले कम देखने को मिली। बाजार में भी सन्नाटे सरीखे हालत बने रहे। आधी रात के बाद कोहरा क्षेत्र के अपने आगोश में लेने लगता है। इससे यातायात व्यवस्था लड़खड़ा उठती हैं। बस और ट्रेनों का संचालन पटरी से उतरने लगे हैं। रोजाना ट्रेनें लेट हो रही हैं।
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ठिठुरन बढ़ गई है। गर्म कपड़ों में भी हाथ-पांव सुन्ने पड़े लगे हैं। घना कोहरा और सर्दी के प्रकोप से औद्योगिक नगरी अमरोहा कांप उठा है।
पिछले कई दिनों से पहाड़ों पर जमकर बर्फबारी हो रही है। पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर बिछने लगी है। इससे मैदान इलाके भी कांप उठे हैं। बुधवार को कोहरे और बर्फीली हवाओं की जुगलबंदी ने पूस की ठंड का अहसास करा दिया।
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न्यूनतम तापमान नौ डिग्री से कम रहा। सुबह नौ बजे तक क्षेत्र में घना कोहरा छाया रहा। लोग गर्म कपड़ों में लिपटे रहे, कंपकपी छूटती रही। गर्म कपड़ों में भी सर्दी दूर नहीं हुई और हाथ-पांव सुन्न पड़े रहे।
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शाम ढलते ही सड़कों पर आवाजाही रोजमर्रा के मुकाबले कम देखने को मिली। बाजार में भी सन्नाटे सरीखे हालत बने रहे। आधी रात के बाद कोहरा क्षेत्र के अपने आगोश में लेने लगता है। इससे यातायात व्यवस्था लड़खड़ा उठती हैं। बस और ट्रेनों का संचालन पटरी से उतरने लगे हैं। रोजाना ट्रेनें लेट हो रही हैं।