{"_id":"d43690d5fcdd226e592c4928a0506fb5","slug":"politics-hindi-news-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमरोहा में कमाल-महबूब के गुटों में बंटी सपा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमरोहा में कमाल-महबूब के गुटों में बंटी सपा
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Fri, 06 Nov 2015 12:46 AM IST
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जिला पंचायत सदस्य चुनाव निपटने के बाद नवनिर्वाचित सदस्यों के लिए खींचतान शुरू हो गई है। हालात यह हैं कि अमरोहा में समाजवादी पार्टी कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर और कैबिनेट मंत्री महबूब अली के गुटों में बंट गई है।
महबूब अली अकेले अपने खेमे के सदस्यों के साथ पत्नी सकीना बेगम को अध्यक्ष बनवाने की जोड़तोड़ में लगे हैं, तो कमाल अख्तर पूर्व कैबिनेट मंत्री चौधरी चंद्रपाल सिंह की पुत्रवधू रेनू चौधरी को अध्यक्ष बनवाने के लिए मुतमईन हैं, उनका साथ विधायक अशफाक अली खुलकर दे रहे हैं।
अमरोहा जनपद में समाजवादी पार्टी में दो ताकतें आमने-सामने हैं। कैबिनेट मंत्री महबूब अली अपनी पत्नी सकीना बेगम को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर पहुंचाने के लिए सदस्य बनवा चुके हैं।
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उनके पुत्र परवेज अली भी सदस्य पद पर जीते हैं। इसके अलावा इनका दावा है कि जीत के लिए पर्याप्त सदस्य उनके पास मौजूद हैं।
वहीं कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर पूरी तरह से चौधरी चंद्रपाल सिंह की पुत्रवधू रेनू चौधरी को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाने के लिए माहौल को अपने पक्ष में एकतरफा होने का दावा कर रहे हैं, क्योंकि उनके साथ हसनपुर गंगेश्वरी से लेकर अमरोहा-जोया तक सपा से जीते सदस्य उनके साथ बताए जा रहे हैं। अब ऐसे हालात में जिले की समाजवादी पार्टी भी खेमे में बंटी नजर आ रही है।
समाजवादी पार्टी समर्थित 12 उम्मीदवार जीतकर आने का दावा किया जा रहा है, जिनमें अधिकांश कमाल अख्तर और नौगावां सादात क्षेत्र के विधायक अशफाक अली के क्षेत्र के हैं।
वहीं चौधरी चंद्रपाल सिंह का दावा है कि पांच सदस्य ऐसे हैं जिन्हें उन्होंने खड़ा किया जो चुनाव में जीतकर आए हैं। इस तरह कमाल अख्तर खेमा भारी लग रहा है।
अहम हो सकते हैं भाजपा के जिपं सदस्य
भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्यों की भूमिका जिला पंचायत चुनावों में सबसे अहम होगी। क्योंकि भाजपा के पास फिलहाल जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ने के लिए अभी कोई नाम नहीं है।
भाजपा के सदस्य किस तरफ जाएंगे, यह कहना अभी मुश्किल है। लेकिन भाजपा के सदस्य जिधर भी रहेंगे उसी का जीत का परचम लहराएगा।
बसपा अपनी लालबत्ती की जुगाड़ में
बसपा अपनी लालबत्ती बरकरार रखने के लिए पूरी तरह समीकरण बैठा रही है। हालांकि कौन जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी होगा, अभी यह तय नहीं है, लेकिन अपने जीतकर आए सदस्यों के लिए पार्टी के नेता बैठक करके अध्यक्ष के दावेदार का नाम तय करने में जुटे हैं।
बसपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह भी है कि मौजूदा सीट पर बसपा की कमलेश आर्य ही बैठी हैं, यदि सीट हाथ से जाती है तो प्रदेश में संदेश जाएगा कि अमरोहा में बसपा के हाथ से गई जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट।
कौमी एकता को मजबूत करके दिखाएंगे
नौगावां सादात के विधायक अशफाक अली खां कहते हैं कि अमरोहा गंगा जमुनी तहजीब का जिला है। यहां कौमी एकता मिसाल कायम करती रही है।
जिले का सबसे बड़ा नौगावां क्षेत्र जिसमें सभी धर्मों के लोग मुझे जिताकर लाने में मदद करते हैं, ठीक इसी परंपरा को बरकरार रखने के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए भी रेनू चौधरी को जिताने में मैं उनका साथ दे रहा हूं।
सपा के सभी सदस्य मेरे संपर्क में: कमाल
कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर का कहना है कि तीन सदस्यों को छोड़कर सपा के जीतकर आए सभी सदस्य मेरे संपर्क में हैं। यह सदस्य जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में वहीं मतदान करेंगे जहां पार्टी आला कमान का आदेश होगा।
मोटी होगी सदस्यों की खरीद-फरोख्त
इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए वोट देने के बदले सदस्यों को मोटा माल मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि अभी सदस्यों के लिए दी जाने वाली खुलकर सामने नहीं आ रही है लेकिन इतना जरूर है कि पिछली बार के मुकाबले यह राशि दो-तीन गुनी हो सकती है।
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महबूब अली अकेले अपने खेमे के सदस्यों के साथ पत्नी सकीना बेगम को अध्यक्ष बनवाने की जोड़तोड़ में लगे हैं, तो कमाल अख्तर पूर्व कैबिनेट मंत्री चौधरी चंद्रपाल सिंह की पुत्रवधू रेनू चौधरी को अध्यक्ष बनवाने के लिए मुतमईन हैं, उनका साथ विधायक अशफाक अली खुलकर दे रहे हैं।
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अमरोहा जनपद में समाजवादी पार्टी में दो ताकतें आमने-सामने हैं। कैबिनेट मंत्री महबूब अली अपनी पत्नी सकीना बेगम को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर पहुंचाने के लिए सदस्य बनवा चुके हैं।
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उनके पुत्र परवेज अली भी सदस्य पद पर जीते हैं। इसके अलावा इनका दावा है कि जीत के लिए पर्याप्त सदस्य उनके पास मौजूद हैं।
वहीं कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर पूरी तरह से चौधरी चंद्रपाल सिंह की पुत्रवधू रेनू चौधरी को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाने के लिए माहौल को अपने पक्ष में एकतरफा होने का दावा कर रहे हैं, क्योंकि उनके साथ हसनपुर गंगेश्वरी से लेकर अमरोहा-जोया तक सपा से जीते सदस्य उनके साथ बताए जा रहे हैं। अब ऐसे हालात में जिले की समाजवादी पार्टी भी खेमे में बंटी नजर आ रही है।
समाजवादी पार्टी समर्थित 12 उम्मीदवार जीतकर आने का दावा किया जा रहा है, जिनमें अधिकांश कमाल अख्तर और नौगावां सादात क्षेत्र के विधायक अशफाक अली के क्षेत्र के हैं।
वहीं चौधरी चंद्रपाल सिंह का दावा है कि पांच सदस्य ऐसे हैं जिन्हें उन्होंने खड़ा किया जो चुनाव में जीतकर आए हैं। इस तरह कमाल अख्तर खेमा भारी लग रहा है।
अहम हो सकते हैं भाजपा के जिपं सदस्य
भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्यों की भूमिका जिला पंचायत चुनावों में सबसे अहम होगी। क्योंकि भाजपा के पास फिलहाल जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ने के लिए अभी कोई नाम नहीं है।
भाजपा के सदस्य किस तरफ जाएंगे, यह कहना अभी मुश्किल है। लेकिन भाजपा के सदस्य जिधर भी रहेंगे उसी का जीत का परचम लहराएगा।
बसपा अपनी लालबत्ती की जुगाड़ में
बसपा अपनी लालबत्ती बरकरार रखने के लिए पूरी तरह समीकरण बैठा रही है। हालांकि कौन जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी होगा, अभी यह तय नहीं है, लेकिन अपने जीतकर आए सदस्यों के लिए पार्टी के नेता बैठक करके अध्यक्ष के दावेदार का नाम तय करने में जुटे हैं।
बसपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह भी है कि मौजूदा सीट पर बसपा की कमलेश आर्य ही बैठी हैं, यदि सीट हाथ से जाती है तो प्रदेश में संदेश जाएगा कि अमरोहा में बसपा के हाथ से गई जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट।
कौमी एकता को मजबूत करके दिखाएंगे
नौगावां सादात के विधायक अशफाक अली खां कहते हैं कि अमरोहा गंगा जमुनी तहजीब का जिला है। यहां कौमी एकता मिसाल कायम करती रही है।
जिले का सबसे बड़ा नौगावां क्षेत्र जिसमें सभी धर्मों के लोग मुझे जिताकर लाने में मदद करते हैं, ठीक इसी परंपरा को बरकरार रखने के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए भी रेनू चौधरी को जिताने में मैं उनका साथ दे रहा हूं।
सपा के सभी सदस्य मेरे संपर्क में: कमाल
कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर का कहना है कि तीन सदस्यों को छोड़कर सपा के जीतकर आए सभी सदस्य मेरे संपर्क में हैं। यह सदस्य जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में वहीं मतदान करेंगे जहां पार्टी आला कमान का आदेश होगा।
मोटी होगी सदस्यों की खरीद-फरोख्त
इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए वोट देने के बदले सदस्यों को मोटा माल मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि अभी सदस्यों के लिए दी जाने वाली खुलकर सामने नहीं आ रही है लेकिन इतना जरूर है कि पिछली बार के मुकाबले यह राशि दो-तीन गुनी हो सकती है।