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केएफसी और निर्माता कंपनी पर 6.10 लाख का जुर्माना
ब्यूूराे/अमर उजाला अमराेहा
Updated Wed, 16 Dec 2015 12:14 AM IST
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से केएफसी से लिया गया लैमोनेट मसाला, लोफैट कर्ड पाउडर, सन ड्राप आयल प्रयोगशाला की जांच में अधोमानक आया है।
इन खाद्य सामग्री की लेबलिंग और पैकिंग मानक अनुसार नहीं मिली है। इस मामले में एडीएम कोर्ट ने कार्रवाई करते हुए केएफसी और निर्माता कंपनी पर 6.10 लाख का जुर्माना लगाया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने गत दिनों गजरौला क्षेत्र में नेशनल हाईवे स्थित नामचीन संस्थान केएफसी से लेमौनेट मसाले का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था।
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जांच में मसाले की लेबलिंग और पैकिंग मानक के अनुसार नहीं मिली है। इसमें संस्थान के मैनेजर पर पचास हजार और निर्माता कंपनी पर एक लाख, कंपनी के खरीदार पर दस हजार का जुर्माना हुुुुआ है।
इसी संस्थान से लिया गया लोफैट कर्ड पाउडर की लेबलिंग और पैकिंग भी मानक के अनुसार नहीं मिली है। इस पर संस्थान के मैनेजर पर 80 हजार, निर्माता कंपनी पर दो लाख, कंपनी के कर्मचारी पर बीस हजार का जुर्माना लगाया गया है।
तीसरा मामला भी इसी संस्थान का है। सन ड्राप ऑयल के पैकिंग पर भ्रामक सूचना अंकित मिलने के मामले में भी जुर्माने की कार्रवाई की गई है। इसमें केएफसी मैनेजर पर 50 हजार, निर्माता कंपनी पर एक लाख का जुर्माना लगाया गया है।
तीनों मामलों में एडीएम कोर्ट ने केएफसी और निर्माता कंपनी पर 6.10 लाख का जुर्माना लगाया है। विभाग के डीओ संजय पांडेय ने बताया कि अपर जिलाधिकारी महमूद आलम अंसारी ने प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के आधार केएफसी और निर्माता कंपनी पर 6.10 लाख का जुर्माना लगाया है।
प्रयोगशाला की जांच में मसाला, लोफैट कर्ड पाउडर, आयल की पैकिंग और लेबलिंग मानक के अनुसार नहीं मिली है। भ्रामक प्रचार भी छपा हुआ था।
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इन खाद्य सामग्री की लेबलिंग और पैकिंग मानक अनुसार नहीं मिली है। इस मामले में एडीएम कोर्ट ने कार्रवाई करते हुए केएफसी और निर्माता कंपनी पर 6.10 लाख का जुर्माना लगाया है।
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने गत दिनों गजरौला क्षेत्र में नेशनल हाईवे स्थित नामचीन संस्थान केएफसी से लेमौनेट मसाले का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था।
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जांच में मसाले की लेबलिंग और पैकिंग मानक के अनुसार नहीं मिली है। इसमें संस्थान के मैनेजर पर पचास हजार और निर्माता कंपनी पर एक लाख, कंपनी के खरीदार पर दस हजार का जुर्माना हुुुुआ है।
इसी संस्थान से लिया गया लोफैट कर्ड पाउडर की लेबलिंग और पैकिंग भी मानक के अनुसार नहीं मिली है। इस पर संस्थान के मैनेजर पर 80 हजार, निर्माता कंपनी पर दो लाख, कंपनी के कर्मचारी पर बीस हजार का जुर्माना लगाया गया है।
तीसरा मामला भी इसी संस्थान का है। सन ड्राप ऑयल के पैकिंग पर भ्रामक सूचना अंकित मिलने के मामले में भी जुर्माने की कार्रवाई की गई है। इसमें केएफसी मैनेजर पर 50 हजार, निर्माता कंपनी पर एक लाख का जुर्माना लगाया गया है।
तीनों मामलों में एडीएम कोर्ट ने केएफसी और निर्माता कंपनी पर 6.10 लाख का जुर्माना लगाया है। विभाग के डीओ संजय पांडेय ने बताया कि अपर जिलाधिकारी महमूद आलम अंसारी ने प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के आधार केएफसी और निर्माता कंपनी पर 6.10 लाख का जुर्माना लगाया है।
प्रयोगशाला की जांच में मसाला, लोफैट कर्ड पाउडर, आयल की पैकिंग और लेबलिंग मानक के अनुसार नहीं मिली है। भ्रामक प्रचार भी छपा हुआ था।