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ट्रैक्टर-ट्राली की टक्कर से रामपुर के सिपाही की मौत, भाई गंभीर
ब्यूूराे/अमर उजाला अमराेहा
Updated Mon, 15 Feb 2016 12:14 AM IST
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चचेरे भाई के साथ बाइक से मेरठ से गांव लौट रहे रामपुर में तैनात सिपाही को मोगा होटल के पास एक ट्रैक्टर ट्राली ने पीछे से टक्कर मार दी। इसमें नौगावां सादात क्षेत्र के सिपाही की मौत हो गई, जबकि भाई गंभीर रूप से घायल है। हादसे के बाद ट्रैक्टर-ट्राली चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्राली और बाइक को कब्जे में ले लिया है।
जनपद अमरोहा के नौगावां सादात क्षेत्र के गांव मेहम्दी माफी निवासी 35 वर्षीय सुदेश यादव पुत्र राजपाल यादव रामपुर में पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर कार्यरत था। इन दिनों वह पुलिस लाइन में संबद्ध था। रविवार शाम साढ़े छह से सात बजे के बीच सुदेश अपने चचेरे भाई आंशु पुत्र राजेश यादव के साथ बाइक से मेरठ से अपने गांव लौट रहा था।
उसी समय नेशनल हाईवे पर मैरीटेन और मोगा होटल के बीच पीछे से आ रही तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्राली ने बाइक में टक्कर मार दी। जिससे बाइक लहरा कर सड़क पर जा गिरी। इसमें सुदेश और आंशु गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पास ही मौजूद हाईवे पुलिस तत्काल घटनास्थल पहुंच गई।
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पुलिस ने निजी एम्बुलेंस से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्साधिकारी ने सुदेश-आंशु को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में सुदेश ने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर-ट्राली छोड़ कर फरार हो गया। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्राली और बाइक को कब्जे में ले लिया है। वहीं सूचना पाकर परिजन भी जिला अस्पताल पहुंच गए। परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
मृत घोषित करने के बाद भी चल रही थीं सुदेश की सांसें
गजरौला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं का टोटा तो रहता ही है, लापरवाही भी बरती जाती है। रविवार को भी ऐसा ही देखने को मिला। सड़क हादसे में घायल सिपाही को चिकित्सक ने देखते ही मृत घोषित कर दिया, लेकिन जब दोबारा चेक कराया गया तो उसकी सांसे चलतीं मिलीं। बाद में आनन-फानन में रेफर स्लिप काट दी गई।
घायल सिपाही सुदेश यादव और उसके चचेरे भाई आंशु यादव को सरकारी अस्पताल लाया गया था, सिर में गंभीर चोट आने के बावजूद आंशु बातचीत कर रहा था, जबकि सुदेश बेहोशी की हालत में था। उस समय तैनात चिकित्साधिकारी डा. काविंद्र ने सुदेश को एंबुलेंस में ही चेकअप कर मृत घोषित कर दिया, जबकि आंशु की रेफर स्लिप बना दी।
इसके बाद सुदेश को स्ट्रेचर पर डाल कर स्ट्रेचर मोरचरी में खड़ी करवा दी गई। कुछ देर बाद चिकित्साधिकारी बाहर आए और पल्स ऑक्सी मीटर से सुदेश को चेक किया तो सुदेश की सांसें चल रहीं थीं। जिससे आनन-फानन में रेफर स्लिप बना कर सुदेश को भी एंबुलेंस में डाल कर जिला अस्पताल भेज दिया गया।
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जनपद अमरोहा के नौगावां सादात क्षेत्र के गांव मेहम्दी माफी निवासी 35 वर्षीय सुदेश यादव पुत्र राजपाल यादव रामपुर में पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर कार्यरत था। इन दिनों वह पुलिस लाइन में संबद्ध था। रविवार शाम साढ़े छह से सात बजे के बीच सुदेश अपने चचेरे भाई आंशु पुत्र राजेश यादव के साथ बाइक से मेरठ से अपने गांव लौट रहा था।
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उसी समय नेशनल हाईवे पर मैरीटेन और मोगा होटल के बीच पीछे से आ रही तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्राली ने बाइक में टक्कर मार दी। जिससे बाइक लहरा कर सड़क पर जा गिरी। इसमें सुदेश और आंशु गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पास ही मौजूद हाईवे पुलिस तत्काल घटनास्थल पहुंच गई।
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पुलिस ने निजी एम्बुलेंस से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्साधिकारी ने सुदेश-आंशु को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में सुदेश ने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर-ट्राली छोड़ कर फरार हो गया। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्राली और बाइक को कब्जे में ले लिया है। वहीं सूचना पाकर परिजन भी जिला अस्पताल पहुंच गए। परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
मृत घोषित करने के बाद भी चल रही थीं सुदेश की सांसें
गजरौला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं का टोटा तो रहता ही है, लापरवाही भी बरती जाती है। रविवार को भी ऐसा ही देखने को मिला। सड़क हादसे में घायल सिपाही को चिकित्सक ने देखते ही मृत घोषित कर दिया, लेकिन जब दोबारा चेक कराया गया तो उसकी सांसे चलतीं मिलीं। बाद में आनन-फानन में रेफर स्लिप काट दी गई।
घायल सिपाही सुदेश यादव और उसके चचेरे भाई आंशु यादव को सरकारी अस्पताल लाया गया था, सिर में गंभीर चोट आने के बावजूद आंशु बातचीत कर रहा था, जबकि सुदेश बेहोशी की हालत में था। उस समय तैनात चिकित्साधिकारी डा. काविंद्र ने सुदेश को एंबुलेंस में ही चेकअप कर मृत घोषित कर दिया, जबकि आंशु की रेफर स्लिप बना दी।
इसके बाद सुदेश को स्ट्रेचर पर डाल कर स्ट्रेचर मोरचरी में खड़ी करवा दी गई। कुछ देर बाद चिकित्साधिकारी बाहर आए और पल्स ऑक्सी मीटर से सुदेश को चेक किया तो सुदेश की सांसें चल रहीं थीं। जिससे आनन-फानन में रेफर स्लिप बना कर सुदेश को भी एंबुलेंस में डाल कर जिला अस्पताल भेज दिया गया।