{"_id":"7ce5703ba5ce8f959a6f77130a5d9d09","slug":"aswasan-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विदेश मंत्री ने दिया आश्वासन, जल्द आएगा अभिषेक का शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विदेश मंत्री ने दिया आश्वासन, जल्द आएगा अभिषेक का शव
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 29 Oct 2015 12:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव अफजलपुर लूट के अभिषेक ग्रेवाल का शव अमेरिका के शिकागो शहर से जल्द गजरौला आने की उम्मीद बंध गई है।
इस संबंध में सांसद कंवर सिंह तंवर की गुजारिश पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने प्रक्रिया तेज कराने का आश्वासन दिया है। गुरुवार से शव को यहां लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
अफजलपुर लूट गांव के जयप्रकाश सिंह ग्रेवाल रजबपुर के नेहरू स्मारक इंटर कालेज में शिक्षक हैं। इनका बेटा अभिषेक अमेरिका के शिकागो शहर में टीसीएस कंपनी में मैनेजर था।
वहां संदिग्ध परिस्थितियों में 21 अक्तूबर को उसकी मौत हो गई थी। शव कमरे में बंद मिला था। इसके बाद से परिजन शव भारत लाने के लिए अमेरिका की कागजी खानापूर्ति के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन आठ दिन से अधिक होने के बाद भी शव भारत नहीं लाया जा सका है।
विज्ञापन
इसके लिए दस्तावेज अधूरे बताए जा रहे हैं। इधर, माता-पिता और पत्नी उसका चेहरा देखने को तड़प रहे हैं। इस खबर को अमर उजाला ने 28 अक्तूबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इसकी खबर पढ़ने के बाद भाजपा सांसद ने परिजनों से संपर्क साधा और विदेश मंत्रालय के साथ विदेश मंत्री से बात की। इस पर विदेश मंत्री ने उन्हें इसकी प्रक्रिया तेज कराने का आश्वासन दिया है। बताया कि, गुरुवार से अभिषेक का शव लाने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।
विज्ञापन
इस संबंध में सांसद कंवर सिंह तंवर की गुजारिश पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने प्रक्रिया तेज कराने का आश्वासन दिया है। गुरुवार से शव को यहां लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
अफजलपुर लूट गांव के जयप्रकाश सिंह ग्रेवाल रजबपुर के नेहरू स्मारक इंटर कालेज में शिक्षक हैं। इनका बेटा अभिषेक अमेरिका के शिकागो शहर में टीसीएस कंपनी में मैनेजर था।
विज्ञापन
वहां संदिग्ध परिस्थितियों में 21 अक्तूबर को उसकी मौत हो गई थी। शव कमरे में बंद मिला था। इसके बाद से परिजन शव भारत लाने के लिए अमेरिका की कागजी खानापूर्ति के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन आठ दिन से अधिक होने के बाद भी शव भारत नहीं लाया जा सका है।
विज्ञापन
इसके लिए दस्तावेज अधूरे बताए जा रहे हैं। इधर, माता-पिता और पत्नी उसका चेहरा देखने को तड़प रहे हैं। इस खबर को अमर उजाला ने 28 अक्तूबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इसकी खबर पढ़ने के बाद भाजपा सांसद ने परिजनों से संपर्क साधा और विदेश मंत्रालय के साथ विदेश मंत्री से बात की। इस पर विदेश मंत्री ने उन्हें इसकी प्रक्रिया तेज कराने का आश्वासन दिया है। बताया कि, गुरुवार से अभिषेक का शव लाने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।