जिपं अध्यक्ष चुनावः वाराणसी में सपा प्रत्याशी का पर्चा खारिज, भाजपा की पूनम मौर्या का निर्विरोध निर्वाचन तय
नामांकन पत्रों की जांच में नोटरी पर आपत्ति लगने से सपा कार्यकर्ता भड़क उठे। नामांकन स्थल के बाहर भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक व नारेबाजी होती रही। देर रात सपा प्रत्याशी का पर्चा खारिज कर दिया गया।
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नामांकन पत्रों की जांच में पाया गया कि शपथ पत्र में नोटरी का रिन्यूवल नहीं हुआ है। इसकी सूचना राज्य निर्वाचन आयोग को भी भेज दी गई है। आयोग की गाइडलाइन के अनुसार सपा प्रत्याशी के दोनों पर्चें खारिज हुए, वहीं भाजपा प्रत्याशी का एक पर्चा खारिज हुआ है, जबकि एक पर्चा वैध है।
दोनों पक्षों ने एक दूसरे के नोटरी अधिवक्ताओं की वैद्यता के बारे में लिखित आपत्ति दाखिल की। दोनों प्रत्याशियों की ओर से जवाब देने के लिए 2-2 घंटे का समय मांगा गया था। शाम 6.30 बजे पुन: नामांकन पत्रों की जांच हुई, जिसमें दोनों प्रत्याशियों ने अपना अपना पक्ष रखा।
जांच के बाद पूनम मौर्या का एक नामांकन अस्वीकृत किया गया, जबकि एक स्वीकृत हुआ। चंदा यादव के दोनों नामांकन पत्र अस्वीकृत हो गए। देर रात पर्चा खारिज होने का आदेश जारी किया गया। इसके बाद सपा नेताओं ने आपत्ति जताई। रायफल क्लब के बाहर रात 12 बजे तक सपा नेताओं में मनोज राय धूपचंडी, जिलाध्यक्ष सुजीत यादव डटे रहे।
पर्चा खारिज को कोर्ट में चुनौती देगी सपा
सपा के जिलाध्यक्ष सुजीत यादव ने कहा कि पर्चा खारिज करने के आदेश को कोर्ट में चुनौती देंगे। पर्चा खारिज करने वाले जिलाधिकारी को पार्टी बनाएंगे। पार्टी मुख्यालय से जो निर्देश मिलेगा, उसके अनुसार काम करेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि अधिकारी आरएसएस और भाजपा एजेंट की तरह काम कर रहे हैं।
वहीं कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय ने कहा कि भाजपा जब चुनाव में हार गई तो उसने खेला कर दिया। शासन और प्रशासन ने मिलकर पंचायत चुनाव में लोकतंत्र की हत्या की है। आज जिस तरह से सपा प्रत्याशी का पर्चा खारिज किया गया, बेहद निंदनीय है।