बनारस में हुक्का बार संचालक की हत्या: युवती समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, आशनाई से जुड़े वारदात के तार!
फोर्स के साथ पहुंचे कैंट एसीपी ने परिजनों से घटना की जानकारी ली। वहीं फरार तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें गठित की गई है। पुलिस के मुताबिक सूद पर लिए कर्ज और आशनाई को भी मामले से जोड़कर देखा जा रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी के शिवपुर क्षेत्र के मीरापुर बसही के नवलपुर में मंगलवार सुबह हुक्का बार संचालक अजय गुप्ता (26) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद मौके से तीन हमलावर युवती सहित भाग निकले। मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की छानबीन की। हुक्का बार के अंदर पिस्टल से सिर में एक गोली मारी गई।
फोर्स के साथ पहुंचे कैंट एसीपी ने परिजनों से घटना की जानकारी ली। वहीं फरार तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें गठित की गई है। पुलिस के मुताबिक सूद पर लिए कर्ज और आशनाई को भी मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। इस मामले में एक युवती समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
शिवपुर थाना अंतर्गत मीरापुर बसही के नवलपुर निवासी भरत लाल गुप्ता मुंबई में रहकर ऑटो चलाते थे। लॉकडाउन में घर लौट आए। दो बेटों में बड़ा अक्षय गुप्ता है और छोटा अजय गुप्ता था। मकान में ही छोटा बेटा अजय हुक्का बार का संचालन करता था। सुबह लगभग साढ़े दस बजे अजय के जानने वाले उमेश पटेल और मोहित हुक्का बार में पहुंचे।
कचौड़ी खाने के दौरान चली गोली
उनके साथ एक युवती भी थी। हुक्का बार के अंदर बने कमरे में अजय सो रहा था, दूसरे कमरे में मोहित व युवती थे। मोहित ने उमेश से कचौड़ी मंगवाया तो खाने के लिए अजय भी मोहित के कमरे में चला आया। बड़ा भाई अक्षय हुक्का बार के बाहर बरामदे की साफ-सफाई कर रहा था और पिता भरत सड़क पर बिखरे बिल्डिंग मैटेरियल गिट्टी को सुव्यवस्थित कर रहे थे।
इसी बीच अचानक कमरे से गोली चलने की आवाज सुुनाई दी। भाई अक्षय दौड़कर मौके पर पहुंचा तो अजय खून से लथपथ पड़ा हुआ था। भाई अक्षय के अनुसार मोहित के पास दो पिस्टल और उमेश के पास एक पिस्टल था। उमेश के कहने पर मोहित और युवती हुक्का बार से भाग गए।
अज्य ने ले रखा था ब्याज पर कर्ज
सिर में लगी गोली से घायल अजय को तुरंत लेकर पास के एक निजी चिकित्सालय गए, जहां से जवाब मिलने बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। बीएचयू पहुंचते ही अजय ने दम तोड़ दिया। इसी बीच डायल-112 पर सूचना पाकर शिवपुर थानाध्यक्ष सुनील कुमार फोर्स संग मौके पर पहुंचे, फोरेंसिक टीम ने हुक्का बार के अंदर और बरामदे से कई सामान साक्ष्य के तौर पर इकट्ठा किया। बेटे की मौत की सूचना मिलते ही मां उर्मिला देवी और दो बहनें ज्योति व प्रीति बेसुध हो गईं।
पुलिस की पूछताछ में पिता भरतलाल ने बताया कि हुक्का बार संचालन के लिए अजय ने कुछ लोगों से ब्याज पर कर्ज ले रखा था। उसी सिलसिले में आए दिन कर्जदारों का तगादा हो रहा था। सोमवार शाम में भी कुछ युवक आए थे और अजय से विवाद हुआ था। इस संबंध में कैंट एसीपी रत्नेश्वर सिंह ने बताया कि भाई अक्षय की तहरीर पर टकटकपुर निवासी उमेश पटेल और मोहित सहित एक अज्ञात युवती के खिलाफ हत्या सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस की दो टीमें गठित की गई हैं।
त्रस्त था पूरा मोहल्ला, पुलिस ने नहीं दिया ध्यान
नवलपुर स्थित एक लॉन के पास संचालित हुक्का बार में कई तरह के गलत काम भी होते थे। यह बातें आसपास के लोगों ने घटना के बाद कहना शुरू कर दिया। आसपास के लोगों के अनुसार नए उम्र के लड़के और लड़कियों की आवाजाही हुक्का बार में होती थी। दिन हो रात, हुक्का बार गुलजार रहता था। कई बार मारपीट की घटनाएं भी हुक्का बार के अंदर और बाहर हो चुकीं थीं। इसकी सूचना भी स्थानीय चौकी और पुलिस थाने को दी गई थी।
प्रतिबंध तो कैसे चल रहा था हुक्का बार
कोर्ट के आदेश पर हुक्का बार के संचालन पर प्रतिबंध है। ऐसे में शिवपुर थाना क्षेत्र के नवलपुर में हुक्का बार का संचालन कैसे हो रहा था, यह भी सवाल इस घटना के बाद से खड़ा हो गया है। चांदीपुर चौकी इंचार्ज और बीट आरक्षी का ध्यान इस पर क्यों नहीं गया, पुलिस उच्चाधिकारियों की जांच में अब यह भी जुड़ गया है। माना जा रहा है कि कुछ पुलिसकर्मियों पर भी इस मामले में कार्रवाई तय है।
सूदखोरों से तंग आकर कइयों ने दी है जान
केस-1: बेलवरिया निवासी सर्वेश ने सूदखोरों की प्रताड़ना से आजिज आकर छह जनवरी को शिवपुर क्षेत्र के भगवानपुर में ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी।
गंगा में छलांग लगाकर व्यापारी ने दी थी जान
केस-2: सूदखोरों के उत्पीड़न से आजिज आकर अगस्त 2019 में चितईपुर क्षेत्र की विश्वकर्मा नगर कॉलोनी निवासी व्यापारी ने शास्त्री पुल से गंगा में छलांग लगा दी थी। व्यापारी ने सुसाइड नोट में लिखा था कि तीन सूदखोरों के कारण आत्महत्या कर रहा हूं। सूदखोर हर महीने 40 प्रतिशत ब्याज लेता था। चार लाख की जगह 40 लाख दे चुका, लेकिन कर्ज खत्म ही नहीं हो रहा है। ऊपर से सूदखोर घर और दुकान आकर अलग से बेइज्जत करता है।
केस-3: अक्तूबर 2015 में हुकुलगंज निवासी पान के थोक व्यवसायी ने सूदखोरों से आजिज आकर राजघाट पुल से गंगा में छलांग लगा कर जान दे दी थी। आत्महत्या से पहले अपने करीबियों से व्यापारी का यही कहना था कि मूलधन कबका खत्म हो गया, लेकिन सूदखोर को ब्याज देकर और आए दिन उससे अपमानित होकर वह आजिज आ गया है। इस वजह से अब उसके सामने मौत के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है।
जहर खाकर किया था आत्महत्या का प्रयास
केस-4: वर्ष 2020 के आखिरी में लोहता के सूदखोर से आजिज आकर डीरेका के एक कर्मचारी ने जहर खाकर जान देने का प्रयास किया था। कर्मचारी का कहना था कि उसने एक जरूरी काम के लिए 15% ब्याज दर पर पैसा उधार लिया था। इसी बीच परिजनों की तबीयत खराब होने पर वह चार माह की किश्त नहीं दे पाया तो सूदखोर उसका जीना दूभर कर दिया था। अंतत: जब उसे लगा कि अब इज्जत नहीं बचेगी तो उसने जान देने का प्रयास किया था।