यूपी: मिर्जापुर प्रशासन और परिवार के बीच फंसी पुनवासी की घर वापसी, लगाया आरोप-घर वाले रखना नहीं चाहते
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पाकिस्तान से वतन वापसी के बाद पुनवासी की घर वापसी प्रशासन और परिवार के बीच फंस गई है। मिर्जापुर प्रशासन का कहना है कि परिवार पुनवासी को नहीं रखना चाहता है, इसलिए लेने नहीं जा रहा है। जबकि परिवार वालों का कहना है कि वे पुनवासी की घर वापसी की बाट जोह रहे हैं, पर अमृतसर से उसे लाने के लिए पैसे नहीं हैं। इसके लिए पैसे जुटाए जा रहे हैं। आरोप लगाया कि जिला प्रशासन या जनप्रतिनिधि इस संबंध में मदद नहीं कर रहे हैं।
देहात कोतवाली क्षेत्र के भरुहना निवासी पुनवासी 11 वर्ष पहले 2009 में सीमा पार कर पाकिस्तान चला गया था। वहां सजा पूरी करने के बाद राष्ट्रीयता की पुष्टि न होने के कारण वह जेल में ही बंद रहा। दो वर्ष पहले पाकिस्तान सरकार ने भारतीय विदेश मंत्रालय को पता भेजकर भारतीय युवक के जेल में बंद होने की जानकारी दी थी।
इसके बाद इस साल छह अक्तूबर को खुफिया विभाग ने पुनवासी का पता लगाया। फिर उसकी वतन वापसी के लिए कार्रवाई शुरू हुई। 17 नवंबर को उसे अटारी बार्डर पर बीएसएफ को सौंप दिया गया। एक माह से वह अमृतसर में है। जिला प्रशासन ने उसे दो दिन में वापस लाने की बात कही थी।
दो दिन बीतने के बाद भी पुनवासी की वापसी नहीं हो सकी। प्रशासन का कहना है कि परिवार वाले उसे नहीं रखना चाहते हैं, इसलिए उसे लेने कोई नहीं जा रहा है। वहीं, पुनवासी की बहन किरण का कहना है कि वह अपने भाई का इंतजार कर रही है। बताया गया था कि उसके भाई को घर पर पहुंचाया जाएगा, पर अब प्रशासन स्वयं जाकर लाने की बात कह रहा है। अमृतसर जाने के लिए पैसे नहीं हैं। इंतजाम किया जा रहा है।