हिस्ट्रीशीटर सोनू हत्याकांड: छोटा भाई बोला- घात लगाकर बैठे थे 5 बदमाश, 2014 में पिता की भी हुई थी हत्या
Varanasi News: हिस्ट्रीशीटर सोनू यादव के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप में वर्ष 2015 में पहला मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद लूट, हत्या का प्रयास सहित अन्य आरोपों में वर्ष 2017 में ही छह मुकदमे दर्ज किए गए। यह सभी मुकदमे मंडुवाडीह और लंका थाने में दर्ज हैं।
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जलालीपट्टी नई बस्ती इलाके में गुरुवार की रात मंडुवाडीह थाने के हिस्ट्रीशीटर सोनू यादव (27) की गोली मारकर हत्या मामले में उसके छोटे भाई राकेश ने पुलिस की बताया कि बलवंत पटेल, रवि उर्फ विक्की पटेल, सुनील पटेल उर्फ बाबू पटेल, अभिषेक उर्फ कल्लू, आनंद पटेल उर्फ गोलू और अन्य दो बदमाश घात लगाकर बैठे हुए थे। इन्हीं बदमाशों ने मेरे भाई को घेर कर गोली मारी है।
असलहे से निकली गोली हमारे भाई के माथे और सीने में दाएं तरफ लगी है। हत्या करने के बाद सुनील पटेल उर्फ बाबू अपने हाथ में असलहा लहरा रहा था। मैं गली मे जाकर देखा तो मेरा भाई जमीन पर गिरा पड़ा था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पेशेवर शूटर सोनू की हत्या की नीयत से ही आए थे
पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने सोनू यादव के सिर और सीने में गोली मारी। इससे स्पष्ट होता है कि बदमाश पेशेवर शूटर हैं और वह सोनू की हत्या की नीयत से ही आए थे। शूटरों ने रोजाना शराब पीने के आदी सोनू की रात की गतिविधि की रेकी की। इसके बाद प्रोफेशनल तरीके से उसके सिर और सीने में गोली मार कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस देर रात तक इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई कि वारदात में 9 एमएम या फिर .32 बोर की पिस्टल का इस्तेमाल हुआ है।
सोनू के पिता की 2014 में की गई थी हत्या
सोनू यादव के पिता रामशीष यादव की हत्या वर्ष 2014 में क्रिकेट खेलने के विवाद में लाठी-डंडे से पीट कर और सरिया से ताबड़तोड़ वार कर की गई थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि पाल और यादव बिरादरी के लोगों के बीच विवाद हुआ था। फिर, उसी विवाद की रंजिश में रामशीष यादव की हत्या की गई थी। रामाशीष यादव की जहां हत्या की गई थी, उससे लगभग 60 मीटर की दूरी पर उसके बेटे सोनू की हत्या की गई।
मां और पत्नी हुई बेसुध, संभालने में परिजनों का पसीना छूटा
सोनू यादव की हत्या के बाद उसकी मां भुड़क्का देवी और पत्नी बबिता देवी की हालत बेसुधों जैसी थी। मां और पत्नी होश में आने पर बार-बार यही कह रहीं थी कि हे भगवान ई का अनर्थ हो गईल...? सोनू की मां और पत्नी को संभालने में परिजनों का पसीना छूट जा रहा था। बबिता का कहना था कि आठ माह के बच्चे को हम कैसे पालेंगे और हमारी गुजर-बसर कैसे होगी...? यही रटते हुए बबिता फिर बेसुध हो जा रही थी।
हत्या के प्रयास और लूट सहित अन्य आरोपों में सात केस दर्ज थे
सोनू यादव के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप में वर्ष 2015 में पहला मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद लूट, हत्या का प्रयास सहित अन्य आरोपों में वर्ष 2017 में ही छह मुकदमे दर्ज किए गए। यह सभी मुकदमे मंडुवाडीह और लंका थाने में दर्ज हैं। पुलिस डोजियर के अनुसार हाल के दिनों में सोनू यादव के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं दर्ज किया गया।
बोले अधिकारी
मृत हिस्ट्रीशीटर का भाई चार लोगों का नाम बताया है। घटना के खुलासे के लिए मंडुवाडीह थाने और क्राइम ब्रांच की चार टीम गठित की गई है। घटना का खुलासा जल्द किया जाएगा और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। - मोहित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त