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पुल के गर्डर पर दौड़ा युवक,मौत
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 03 Jan 2016 01:53 AM IST
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राजघाट पुल के ऊंचे गर्डरों पर शनिवार की दोपहर मौत की परवाह किए बिना एक युवक को दौड़ता देख हर किसी सांसें अटक गईं। सैकड़ों तमाशबीनों और फायर ब्रिगेड-पुलिस की टीमों की मौजूदगी में उसे उतारने के लिए गर्डर पर चढ़े राहगीर का साहस भी काम न आया। गर्डर पर ही युवक उससे भिड़ गया।
राहगीर जान बचाकर नीचे भाग आया लेकिन असंतुलित होकर युवक गर्डर से सड़क पर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। पूरा घटनाक्रम दोपहर 12 से एक बजे तक करीब घंटे भर चला। पुलिस का कहना है कि करीब 35 वर्षीय युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त था। उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है।
आम दिनों की तरह जारी आवाजाही के बीच दोपहर करीब 12 बजे राजघाट पुल पर तब हड़कंप मच गया जब किसी की नजर पुल के ऊपरी गर्डर पर चढ़े युवक पर पड़ी। वह सिर्फ कच्छा पहने था और शोर मचा रहा था। कुछ ही देर में मौके पर भीड़ जुट गई। लोग युवक से उतरने को कहने लगे तो वह नदी में कूदने की धमकी देने लगा। लोगों के पूछने पर उसने अपना नाम राजू बताया।
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फायर ब्रिगेड की टीम के साथ रामनगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुल पर आवाजाही रोके जाने के साथ युवक को उतारने के प्रयास शुरू हुए। पुलिस को देख युवक गर्डर पर दौड़ने लगा।
हर किसी ने उससे उतर आने की मिन्नत की लेकिन उस पर कोई असर नहीं हुआ। गर्डर पर चढ़ने की हिम्मत पुलिस और फायर ब्रिगेड के जवान भी नहीं कर सके। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिस ने एक 40 वर्षीय राहगीर को गर्डर पर चढ़ने के लिए तैयार किया। राहगीर किसी तरह युवक के पास पहुंचा तो वह नीचे उतरने के बजाय गर्डर पर ही उससे भिड़ गया। यह देख लोगों के होश उड़ गए। पुल से नीचे गिरने पर दोनों की जान का सकती थी। आननफानन उसके चंगुल से छूटकर राहगीर नीचे भाग आया। उसे पकड़ने के फेर में युवक करीब 40 फीट की ऊंचाई वाले गर्डर से फिसलकर सड़क पर गिर पड़ा।
पुलिस कर्मी तत्काल उसे मंडलीय अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि गर्डर पर लड़ाई के दौरान अपनी जान बचाने के लिए राहगीर ने युवक को धक्का दे दिया था। हालांकि एसओ रामनगर रमेश यादव का कहना है कि राहगीर पहले ही उतर आया था। विक्षिप्त युवक बाद में नीचे गिरा। उसकी पहचान नहीं हो सकी है। राहगीर को पुलिस ने नहीं बल्कि वह खुद ही विक्षिप्त को बचाने के लिए पुल पर चढ़ा था।
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राहगीर जान बचाकर नीचे भाग आया लेकिन असंतुलित होकर युवक गर्डर से सड़क पर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। पूरा घटनाक्रम दोपहर 12 से एक बजे तक करीब घंटे भर चला। पुलिस का कहना है कि करीब 35 वर्षीय युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त था। उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है।
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आम दिनों की तरह जारी आवाजाही के बीच दोपहर करीब 12 बजे राजघाट पुल पर तब हड़कंप मच गया जब किसी की नजर पुल के ऊपरी गर्डर पर चढ़े युवक पर पड़ी। वह सिर्फ कच्छा पहने था और शोर मचा रहा था। कुछ ही देर में मौके पर भीड़ जुट गई। लोग युवक से उतरने को कहने लगे तो वह नदी में कूदने की धमकी देने लगा। लोगों के पूछने पर उसने अपना नाम राजू बताया।
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फायर ब्रिगेड की टीम के साथ रामनगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुल पर आवाजाही रोके जाने के साथ युवक को उतारने के प्रयास शुरू हुए। पुलिस को देख युवक गर्डर पर दौड़ने लगा।
हर किसी ने उससे उतर आने की मिन्नत की लेकिन उस पर कोई असर नहीं हुआ। गर्डर पर चढ़ने की हिम्मत पुलिस और फायर ब्रिगेड के जवान भी नहीं कर सके। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिस ने एक 40 वर्षीय राहगीर को गर्डर पर चढ़ने के लिए तैयार किया। राहगीर किसी तरह युवक के पास पहुंचा तो वह नीचे उतरने के बजाय गर्डर पर ही उससे भिड़ गया। यह देख लोगों के होश उड़ गए। पुल से नीचे गिरने पर दोनों की जान का सकती थी। आननफानन उसके चंगुल से छूटकर राहगीर नीचे भाग आया। उसे पकड़ने के फेर में युवक करीब 40 फीट की ऊंचाई वाले गर्डर से फिसलकर सड़क पर गिर पड़ा।
पुलिस कर्मी तत्काल उसे मंडलीय अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि गर्डर पर लड़ाई के दौरान अपनी जान बचाने के लिए राहगीर ने युवक को धक्का दे दिया था। हालांकि एसओ रामनगर रमेश यादव का कहना है कि राहगीर पहले ही उतर आया था। विक्षिप्त युवक बाद में नीचे गिरा। उसकी पहचान नहीं हो सकी है। राहगीर को पुलिस ने नहीं बल्कि वह खुद ही विक्षिप्त को बचाने के लिए पुल पर चढ़ा था।