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फसलों की पैदावार के साथ बढ़ेगी यूपी की ग्रोथ रेटः सीएम योगी
Sun, 23 Dec 2018 10:16 AM IST
shashikant misra
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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Published by: shashikant misra
Updated Sun, 23 Dec 2018 10:16 AM IST
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चावल अनुसंधान केंद्र में सीएम
- फोटो : amar ujala
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वाराणससी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों 29 दिसंबर को लोकार्पित होने वाले अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र चांदपुर का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस केंद्र से फसलों की पैदावार के साथ यूपी की ग्रोथ रेट बढ़ेगी।
दो दिवसीय दौरे पर काशी आए मुख्यमंत्री रात्रि विश्राम के बाद शनिवार सुबह सर्किट हाउस से पुलिस लाइन और फिर हेलीकाप्टर से भुल्लनपुर पीएसी हेलीपैड पहुंचे। यहां से चांदपुर स्थित चावल अनुसंधान केंद्र जाकर निरीक्षण किया और फिर गाजीपुर रवाना हो गए।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र एशिया और अफ्रीका के लिए भी चावल अनुसंधान का कार्य करेगा, यह प्रदेश और देश के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने कृषि वैज्ञानिकों से काला नमक प्रजाति, राजरानी, बादशाह पसंद व ब्लैक राइस की उत्पादकता बढ़ाने विशेष जोर दिया, ताकि इससे उत्तर प्रदेश व पूर्वांचल के किसानों को लाभ मिल सके।
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मुख्यमंत्री ने काला नमक धान का उल्लेख करते हुए देश के विभिन्न क्षेत्रों की जलवायु के अनुसार इसकी उत्पादकता और गुणवत्ता बढ़ाने पर कार्य करने का सुझाव दिया। उन्होंने केंद्र की प्रयोगशाला और मीटिंग हॉल आदि देखा और वैज्ञानिकों से चावल अनुसंधान पर विस्तार से वार्ता की।
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दो दिवसीय दौरे पर काशी आए मुख्यमंत्री रात्रि विश्राम के बाद शनिवार सुबह सर्किट हाउस से पुलिस लाइन और फिर हेलीकाप्टर से भुल्लनपुर पीएसी हेलीपैड पहुंचे। यहां से चांदपुर स्थित चावल अनुसंधान केंद्र जाकर निरीक्षण किया और फिर गाजीपुर रवाना हो गए।
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निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र एशिया और अफ्रीका के लिए भी चावल अनुसंधान का कार्य करेगा, यह प्रदेश और देश के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने कृषि वैज्ञानिकों से काला नमक प्रजाति, राजरानी, बादशाह पसंद व ब्लैक राइस की उत्पादकता बढ़ाने विशेष जोर दिया, ताकि इससे उत्तर प्रदेश व पूर्वांचल के किसानों को लाभ मिल सके।
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मुख्यमंत्री ने काला नमक धान का उल्लेख करते हुए देश के विभिन्न क्षेत्रों की जलवायु के अनुसार इसकी उत्पादकता और गुणवत्ता बढ़ाने पर कार्य करने का सुझाव दिया। उन्होंने केंद्र की प्रयोगशाला और मीटिंग हॉल आदि देखा और वैज्ञानिकों से चावल अनुसंधान पर विस्तार से वार्ता की।
चावल की गुणवत्ता पर होंगे शोध
वाराणसी का यह इरी सेंटर भारत में पहला है और इसकी मुख्य शाखा फिलीपींस में है। इसमें चावल के वैल्यू एडेड पर रिसर्च होगी। मसलन धान की पैदावार और गुणवत्ता बढ़ाने, स्वाद और खुशबू आदि पर शोध होगा। अलग-अलग प्रजातियों के धान से अच्छे जीन लेकर नई प्रजाति विकसित की जाएगी।
इस दौरान प्रदेश के राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, अपर मुख्य सूचना एवं पर्यटन अवनीश कुमार, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह, ईरी के निदेशक डॉ. अरविंद नाथ सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर साउथ एशिया टीसी डौंडियाल आदि मौजूद रहे।
इस दौरान प्रदेश के राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, अपर मुख्य सूचना एवं पर्यटन अवनीश कुमार, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह, ईरी के निदेशक डॉ. अरविंद नाथ सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर साउथ एशिया टीसी डौंडियाल आदि मौजूद रहे।