सोनभद्र: जेपी सीमेंट फैक्ट्री को खनन के लिए 470 हेक्टेयर जमीन देगी योगी सरकार
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यूपी सरकार ने सोनभद्र में जेपी सीमेंट फैक्ट्री को खनन के लिए 470.304 हेक्टेयर वन भूमि देने का निर्णय लिया है। इस जमीन के मिलने से जेपी एक बार फिर खनन चालू करा सकता है और इससे सीमेंट फैक्ट्री के एक बार फिर संचालित होने की उम्मीद जग सकती है। कभी चुर्क, डाला और चुनार की सीमेंट फैक्टरियों को जेपी एसोसिएट ने खरीदा था और सीमेंट बनाने का कार्य चल रहा था। लेकिन वन भूमि का मामला फंसने पर जेपी को काफी क्षति उठानी पड़ी थी और पत्थर के खनन का कार्य पूरी तरह से बंद हो गया था।
हालांकि जेपी सीमेंट के चुर्क इकाई के जन संपर्क अधिकारी सुधीर मिश्रा ने ऐसी किसी जानकारी से इनकार किया है। उनका कहना है कि जेपी का चुर्क, चुनार में खनन से जुड़ा कोई मामला नहीं है। इसलिए वे इस बारे में कुछ भी नहीं कह सकते।
बता दें कि यूपी सीमेंट की फैक्ट्री, खनन क्षेत्र, स्कूल, कालोनी समेत अन्य संपत्ति जेपी सीमेंट ने टेंडर से 459 करोड़ रुपये में खरीदा था। इसके माइनिंग प्लान में स्पष्ट रूप से दिखाया गया था कि इस एरिया में वन भूमि नहीं है। जब जेपी सीमेंट के अधिकारी यहां कब्जा लेने आए तो उन्हें पता चला कि खनन क्षेत्र, स्कूल, कलोनी काफी एरिया को यूपी सरकार ने धारा चार में डाल रखा है।
इस पर अपने टेंडर बीट के शर्तों के अनुसार जेपी सीमेंट ने मुकदमा लड़ कर धारा चार से उक्त खनन क्षेत्र को अलग करा दियाल। लेकिन बाद में एनजीटी के आदेश से उस भूमि को फिर वन भूमि घोषित कर दिया गया। जब जेपी सीमेंट ने यूपी सरकार से टेंडर के अनुसार भूमि की मांग की तो सरकार ने जेपी सीमेंट के खनन खेत्र के लिए वन भूमि 586.178 हेक्टेयर की अधिसूचना निरस्त कर 470.304 हेक्टेयर गैर वन भूमि कृषि के लिए देने का निर्णय लिया है।
मंगलवार को यूपी सरकार की कैबिनेट में इसको लेकर फैसला लिया गया है। फैसले में सरकार ने कहा है कि मड़िहान से भूमि इसके लिए अधिकृत की जाएगी। जमीन का चार गुना मूल्य, पौध रोपण से आने वाला खर्च वहन करने के बाद फैक्ट्री शुरू हो सकेगी। अब यूपी सरकार के आदेश के बाद जेपी सीमेंट एसोसिएट को भारत सरकार से अनुमति लेनी होगी। इसके बाद ही खनन की अनुमति मिल सकेगी।