India vs Bharat: वाराणसी में बाबा रामदेव बोले- भारत कहने में नहीं करें परहेज, इंडिया दिलाता है गुलामी की याद
योग गुरु बाबा रामदेव लंबे समय के बाद वाराणसी दौरे पर पहुंचे हैं। न्होंने काशी विश्वनाथ धाम और माता अन्नपूर्णा के दरबार में हाजिरी लगाई। बताया जा रहा है कि उनका ये दौरा निजी है।
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योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि अखंड भारत को इंडिया नाम ब्रिटिश हुक्मरानों ने दिया था। आजादी के बाद से ही इसका इस्तेमाल हो रहा है। कुछ चंद लोग इंडिया कहने में खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। अपने देश का नाम तो इंडिया था ही नहीं। यह नाम हमें गुलामी की याद भी दिलाता है। अब इंडिया की जगह भारत नाम का ही इस्तेमाल होना चाहिए और किसी को भी इंडिया की जगह भारत कहने से परहेज नहीं करना चाहिए।
रविवार को वाराणसी के संकटमोचन मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद बाबा रामदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश उत्तरोत्तर प्रगति के पथ पर प्रवाहमान हो रहा है। यह समय सनातन धर्म के गौरव का काल है। संपूर्ण विश्व में सनातन धर्म की गूंज सुनाई दे रही है। संपूर्ण विश्व भारत का अनुसरण कर रहा है और आशा भरी निगाहों से हमारी तरफ देख रहा है। योग में सनातन धर्म और राष्ट्र धर्म निहित है। ज्ञानवापी मामले पर रामदेव ने कहा कि यह तो पूरी तरह से हिंदुओं का ही धर्मस्थल है। मामला कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए सभी को कोर्ट के आदेश का सम्मान करना चाहिए।
निजी दौरे पर वाराणसी पहुंचे बाबा रामदेव
निजी दौरे पर वाराणसी पहुंचे बाबा रामदेव ने श्री काशी विश्वनाथ, मां अन्नपूर्णा, बाबा कालभैरव और संकटमोचन के दरबार में मत्था टेका। श्रद्धालुओं ने योग गुरु को अपने बीच पाकर उनका अभिवादन हर-हर महादेव... के साथ किया। रविवार को योगगुरु रामदेव पैदल ही श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने स्वर्ण शिखर को प्रणाम कर गर्भगृह में प्रवेश किया। बाबा विश्वनाथ का पूजन करने के साथ ही जलाभिषेक भी किया।
बाबा विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने बाबा रामदेव को अंगवस्त्र भेंट किया। इसके बाद बाबा रामदेव माता अन्नपूर्णा के दरबार पहुंचे। यहां पर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी ने उन्हें स्मृति चिह्न और प्रसाद भेंट किया। मंदिर में आने वाले भक्तों ने बाबा रामदेव के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। इसके बाद उन्होंने बाबा कालभैरव के दर्शन किए।
लस्सी है या रबड़ी, कैसे बनी इतनी शानदार
संकटमोचन मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद बाबा रामदेव ने जब पहलवान की लस्सी चखी तो कहा कि इसमें तो बनारस का रस घुला है। बाबा रामदेव ने मनोज यादव से पूछा कि यह लस्सी है या रबड़ी, इतनी शानदार लस्सी कैसे तैयार की है? इतनी जोरदार लस्सी बनाएगा, तो पूरे काशी का आशीर्वाद तुझे मिल जाएगा।