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सेहत के दो मीत, योग और संगीत

Sun, 21 Jun 2020 01:15 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jun 2020 01:15 AM IST
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yog
वाराणसी। संगीत और योग का उद्देश्य है आत्मा साक्षात्कार इसलिए दोनों को एक दूसरे से जुड़ा हुआ माना जाता है। संगीत चिकित्सा की एक शोध के मुताबिक योग और संगीत एक दूसरे के पूरक हैं। इन दोनों क्षेत्र के विशेषज्ञ भी इन क्रियाओं को करीब व एक दूसरे के लिए जरूरी मानते हैं। संगीत मन को तो शांत करता ही है साथ ही योग की तरह म्यूजिक थेरेपी भी कई बीमारियों में कारगर साबित होती है। योग और संगीत के इस मेल पर आधारित इस खबर में विशेषज्ञ बता रहे हैं कैसे दोनों जरूरी और कारगर हैं।
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मन की एकाग्रता योग शास्त्र की देन
आर्य महिला पीजी कॉलेज संगीत विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रुचि मिश्रा ने बताया कि जिस प्रकार संगीत एक उपासना है उसी प्रकार योगशास्त्र जीवन का मित्र है। संगीत में रियाज के लिए एकाग्रता की आवश्यकता होती है, योग शास्त्र हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक है। मन कि मस्तिष्क की एकाग्रता योग की देन है। योग और संगीत में स्वर्ण मुद्रा की श्रेष्ठता से आनंद और स्वास्थ्य पाया जा सकता है। इस दृष्टि से देखा जाए तो दोनों शास्त्र एक दूसरे के पूरक हैं।
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नाद योग संगीत की दुनिया का योग
शास्त्रीय गायन में ब्रह्म नाद एक स्थिति होती है जिसे नाद योग से प्राप्त किया जाता है। नाद योग का सीधा संबंध स्वास्थ्य की निरंतरता से होता है। नाद योग संगीत की दुनिया का योग क्रिया है। ओंकार साधना के लिए नाभि से स्वर निकालना कपालभाति योग के समान ही है। रियाज में स्वास का सबसे ज्यादा महत्व है क्योंकि सुर की निरंतरता स्वास पर निर्भर करती है। योग की भाषा मे इसे ब्रिदिंग एक्सरसाइज कहा जाता है ।
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संगीत से हो जाती है एक्सरसाइज
बीएचयू चिकित्सा विज्ञान संस्थान के आयुर्वेद संकाय के डॉक्टर देव आनंद उपाध्याय कहते हैं कि योग और संगीत का जुड़ाव सारी दुनिया मानती है। योग के दौरान संगीत के साथ से शरीर और आत्मा के जुड़ाव तेजी से होता है। योग में ध्यान प्राणायाम अनुलोम विलोम ओम उच्चारण और उंगलियों व कंठ की कई ऐसी एक्सरसाइज होती है जो संगीत के जरिए भी की जा सकती है।

निरोगी जीवन का मंत्र है योग और संगीत
योग और संगीत मेल करना सिर्फ मानसिक शांति और संबल प्रदान करते हैं। बल्कि कोरोना को हराने के लिए जरूरी रोग प्रतिरोधक क्षमता और संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं। संगीत और योग तनाव को दूर कर आप को प्रसन्न रखने में मददगार साबित होते हैं। यह दोनों ही शरीर में ऊर्जा का संचार करते हैं जो बिगड़े मूड को भी बना देते हैं।
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