Varanasi: कैंट स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग का काम पूरा, खत्म हुई सबसे बड़ी झंझट, यात्री सुविधाएं भी बढ़ीं
वाराणसी कैंट स्टेशन पर आउटर पर ट्रेन रुकने का झंझट अब खत्म हो गया है। यार्ड रिमॉडलिंग का काम रविवार को पूरा हो गया। सोमवार से सभी ट्रेनें अपने निर्धारित समय से चलेंगी। सभी प्लेटफाॅर्मों की लंबाई और चौड़ाई बढ़ गई है।
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वाराणसी कैंट स्टेशन यार्ड रिमॉडलिंग का काम रविवार को पूरा हो गया। अब सोमवार से सभी ट्रेनें अपने निर्धारित समय से चलेंगी। सभी प्लेटफाॅर्मों की लंबाई और चौड़ाई बढ़ गई है। इससे 24 कोच की ट्रेनें बड़े आराम से प्लेटफाॅर्म पर खड़ी हो सकेंगी। नए बने प्लेटफाॅर्म दस पर से भी ट्रेनें गुजरेंगी। वाराणसी सिटी से आने वाली ट्रेनें और लोहता, शिवपुर व बनारस स्टेशन से आने वाली ट्रेनों का भी रूट साफ हो गया। इन छोर से आने वाली ट्रेनों को प्लेटफाॅर्म पर आने के लिए आउटर पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम डॉ. मनीष थपल्याल ने बताया कि यार्ड रिमॉडलिंग कार्य चुनौतीपूर्ण था, जिसे तय अवधि में पूरा किया गया। वंदे भारत, महानगरी, मरूधर आदि ट्रेनें कैंट से ही सोमवार को खुलेंगी। जबकि दूसरे दिन मंगलवार से शटल और बेगमपुरा का संचालन किया जाएगा।
कैंट स्टेशन निदेशक कक्ष में डीआरएम ने यात्री सुविधाओं और ट्रेन परिचालन के बाबत विभागीय अधिकारियों संग बैठक की। एडीआरएम लालजी चौधरी, कैंट निदेशक गौरव दीक्षित, एईएन काॅलोनी आकाशदीप, सीनियर डीएमई सौरभ आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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38 किमी की रेलवे लाइन बिछाई गई
डीआरएम ने बताया कि पहले 70 दिनों में यार्ड रिमॉडलिंग कार्यों को पूरा करने पर सहमति बनी थी, लेकिन युवा अधिकारियों के परिश्रम के चलते हमने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को 45 दिन में पूरा किया। 20 वर्षों से यार्ड रिमॉडलिंग कार्य कराए जाने को लेकर मंथन किया जा रहा था। यह उपलब्धि अब जाकर मिली है। यार्ड रिमॉडलिंग के दौरान 38 किमी की रेलवे लाइन बिछाई गई, जो कि चार स्टेशनों के बराबर हाेती है।
663 रूट इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की स्थापना
डीआरएम ने बताया कि इस यार्ड रिमॉडलिंग के तहत वृहद 663 रूट इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की स्थापना हुई, जिसमें 283 सिग्नल, 214 प्वाइंट के साथ 6 दिशाओं में ब्लॉक वर्किंग शामिल हैं, जिसमें 158 नए टर्नआउट वाले यार्ड में संशोधन और लगभग 38 किमी के रूट इंटरलॉकिंग के साथ ट्रैक लिंकिंग को उत्तर रेलवे के विभिन्न विभागों के अथक परिश्रम, योजना और समन्वय के बाद शुरू किया गया।
यात्री सुविधाओं में यह हुई वृद्धि
- कैंट स्टेशन पर दो अतिरिक्त पूर्ण लंबाई वाले यात्री प्लेटफाॅर्म (10 और 11) और आठ प्लेटफाॅर्मों की लंबाई और चौड़ाई का पुनर्निर्माण।
- तीसरा फुट ओवर ब्रिज दस मीटर चौड़ा, दिव्यांगजनों के लिए आठ लिफ्ट और 11 एस्केलेटर लगाए गए
- लेवल क्रॉसिंग संख्या चार पर तीन मीटर चौड़ा व 65 मीटर लंबे फुट ओवर ब्रिज पर रैंप की सुविधा