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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Wrestlers practicing at Naipura akhara under supervision of Sanjay Baba in varanasi

Sports News: नैपुरा में चार खिलाड़ियों से शुरू हुआ सफर, अब अखाडे़ में 60 से ज्यादा कुश्ती के चैंपियंस

Sat, 06 Jun 2026 12:24 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Sat, 06 Jun 2026 12:24 PM IST
सार

Varanasi News: संजय बाबा की देखरेख में नैपुरा के अखाड़े में खिलाड़ी कुश्ती का अभ्यास कर रहे हैं। चार खिलाड़ियों से शुरू हुई यह यात्रा आज 60 से अधिक खिलाड़ियों तक पहुंच चुकी है।
 

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Wrestlers practicing at Naipura akhara under supervision of Sanjay Baba in varanasi
कुश्ती का अभ्यास करते खिलाड़ी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नरोत्तमपुर के नैपुरा के एक छोटे से अखाड़े में भविष्य के कुश्ती चैंपियंस के सपने आकार ले रहे हैं। कभी चार खिलाड़ियों से साथ शुरू हुई नरोत्तमपुर के संजय बाबा की पहल आज 60 से अधिक पहलवानों की पाठशाला बन चुकी है। संजय बाबा के प्रशिक्षण में तैयार खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर क्षेत्र का नाम कर रहे हैं।

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संजय बाबा ने साल 2012 तक प्रदेश स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और 2016 में उन्होंने सक्रिय कुश्ती से संन्यास लिया। इसके बाद उन्होंने 2017 से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना शुरू किया। चार खिलाड़ियों से शुरू हुई यह यात्रा आज 60 से अधिक खिलाड़ियों तक पहुंच चुकी है। पिछले तीन वर्षों में उनके प्रशिक्षण में एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और 12 से ज्यादा राष्ट्रीय स्तर के पहलवान पदक जीत चुके हैं। इनमें सौरभ यादव का नाम प्रमुख है।
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संजय बाबा नैपुरा स्थित स्वामी वितरागानंद आश्रम की व्यायामशाला में रहकर खिलाड़ियों को कुश्ती का प्रशिक्षण देते हैं। उनका लक्ष्य ओलंपिक में पदक जीतने वाले पहलवान तैयार करना है। उन्होंने शुरुआत मिट्टी के अखाड़े से की थी, लेकिन 2017 में स्थानीय लोगों के सहयोग से मैट की व्यवस्था कराई गई। 
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संजय बाबा बताते हैं कि वह खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं पर अपने स्तर से भी आर्थिक सहयोग करते हैं। वर्तमान में यहां 60 से अधिक खिलाड़ी नियमित रूप से अभ्यास करते हैं। इनमें गाजीपुर के राष्ट्रीय स्तर के पहलवान रितेश यादव और रोहन, मिर्जापुर के गौरव और जौनपुर के मोहित समेत आसपास के जिलों के खिलाड़ी सुबह-शाम प्रशिक्षण लेने पहुंचते हैं।

शुरुआत में झेलना पड़ा विरोध
संजय बाबा बताते हैं कि शुरुआत में उन्हें काफी विरोध का सामना करना पड़ा। लोग कहते थे कि खेलों में कुछ नहीं रखा है और बच्चों को पहलवान बनाकर उनका भविष्य खराब किया जा रहा है। क्षेत्र के अधिकांश लोग अपने बच्चों को कुश्ती में नहीं भेजना चाहते थे। यह सोच वर्ष 2021 में बदली, जब शंकर ने प्रदेश कुमार का खिताब जीता। इसके बाद लोगों का नजरिया बदला और अखाड़े को सम्मान मिलने लगा। पिछले तीन वर्षों में सौरभ यादव ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता के बाद अखाड़े में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या भी लगातार बढ़ी है।

नाम खिलाड़ी का स्तर

  • सौरभ यादव- अंतरराष्ट्रीय में स्वर्ण
  • लालू यादव- राष्ट्रीय में रजत
  • शिवधनी- प्रादेशिक में कांस्य
  • अवध यादव- राष्ट्रीय में रजत
  • शंकर यादव- यूपी कुमार
  • अविनाश- राष्ट्रीय प्रतिभाग
  • लालजी पाल- राष्ट्रीय प्रतिभाग
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