{"_id":"5828cdf54f1c1b6729b3c993","slug":"worthless-claims-intact-duswarian","type":"story","status":"publish","title_hn":"दावे बेकार, दुश्वारियां बरकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दावे बेकार, दुश्वारियां बरकरार
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 14 Nov 2016 02:02 AM IST
विज्ञापन
पुराने नोट बदलने और रुपये निकालने के लिए चांदपुर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर लगी लोगों की कतार।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बदलने के लिए लोगों को सहूूलियत देने संबंधी सरकार, प्रशासन और बैंक प्रबंधन के दावों की रविवार को हवा निकल गई। कई बैंकों में सर्वर ठप हो गए, जबकि बैंकों में पैसा ही खत्म हो गया। सरकारी छुट्टी होने के कारण रविवार को बैंकों में जबरदस्त भीड़ उमड़ी। महिलाओं की संख्या ज्यादा रही लेकिन महिला पुलिस कर्मी कहीं-कहीं ही दिखीं। सुबह से ही सारे काम छोड़कर पुराने नोट बदलने और रुपये निकालने के लिए कतार में खड़े लोगों को जब घंटों बाद भी नाकामी हाथ लगी तो उनका गुस्सा-खीझ कभी बैंककर्मियों पर उतरा तो कभी लाइन में खड़े लोगों पर। बैंकों पर सुबह से शाम तक हंगामा और नोकझोंक होती रही। इसके चलते अफरा-तफरी भी रही।
शाम करीब पांच बजे लंका स्थित एचडीएफसी बैंक का गेट बंद होने से भड़की एक शिक्षिका ने गार्ड पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए उसे थप्पड़ जड़ दिया। लंका पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया। भेलूपुर के गुरुधाम स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में भीड़ के दबाव से लोहे की रेलिंग टूट गई। इसके बाद कुछ देर तक हंगामा और अफरातफरी का माहौल रहा। पुलिस ने लाठी पटककर लोगों को शांत कराया। पहड़िया में भी एसबीआई और पीएनबी के बाहर भीड़ को शांत करने के लिए पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ीं।
इसी तरह चितईपुर के बैंक ऑफ बड़ौदा, लंका के सेंट्रल बैंक व एक्सिस बैंक, नेवादा के पंजाब नेशनल बैंक, भेलूपुर के यूनियन बैंक व स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ ही मंडुवाडीह, चांदपुर, लहरतारा, महमूरगंज, रथयात्रा, सिगरा, गोदौलिया, चौक, लहुराबीर, मैदागिन, बुलानाना, कचहरी, अर्दली बाजार, पांडेयपुर सहित शहर के अन्य इलाकों में बैंकों के बाहर उमड़ी भीड़ रुपये जल्दी पाने के लिए हंगामा करती रही। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों, डाकघरों पर सुबह से ही लंबी लाइन लगी रही। धौरहरा में बैंक का सर्वर डाउन और बैंकों में समय से पहले कैश खत्म होने की वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। कपसेठी बाजार स्थित एसबीआई शाम छह बजे हंगामा हुआ। लोगों का आरोप था कि लाइन में लगने के बाद भी पैसा नहीं मिला। भाजपा नेता रविंद्र यादव ने इसकी शिकायत पुलिस से की, जिस पर उनकी बैंक कर्मियों से नोंकझोंक हुई। चौबेपुर के यूनियन बैक मे सुबह से दोपहर तक लाइन मे खड़े लोगों को नोट न बदलने, लाइन लगाने को लेकर धक्कामुक्की हुई। बैंक काम एक घंटे तक प्रभावित रहा। ओरियंटल बैंक आफ कामर्स में सर्वर डाउन होने की वजह से घंटों लाइन लगाकर लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे। रोहनिया-मोहनसराय इलाके में बैंकों में दिन भर मारामारी देखने को मिली। दानगंज में भी सर्वर डाउन होने की वजह से किचकिच हुई। लोहता में एसबीआई, बॉब, इलाहाबाद बैंक, काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक सहित अन्य बैंकों पर पैसा बदलने-जमा करने के लिए भीड़ लगी रही। मिर्जामुराद डाकघर में सुबह दस बजे काउंटर खुलने के करीब एक घंटे बाद ही पैसा खत्म होने पर लोगों ने हंगामा मचाया।
विज्ञापन
पांच सौ और एक हजार के नोट बंद होने के बाद जहां लोग अपने खातों में पैसे की जमा और निकासी से जूझ रहे हैं, वहीं उन्हें नोट बदलने के लिए भी मारामारी करनी पड़ रही है। हालात यह है कि समय से पैसा न मिलने की वजह से दूध-सब्जी और दवा खरीदने के लिए सांसत झेलनी पड़ रही है। बैंकों पर सुबह छह बजे से ही भीड़ उमड़ रही है लेकिन किसी को चार तो किसी को छह घंटे बाद पैसा मिल पा रहा है। नोट बंद होने के फैसले के चौथे दिन रविवार को बैंकों और एटीएम पर लंबी-लंबी लाइनें लगी रही। बस कहने को बैंक दस बजे खुल रहे हैं लेकिन अधिकांश जगहों पर पैसे का लेन-देन एक-दो घंटे की देरी से शुरू हो रहा है। दूसरी ओर समय से पहले पैसा भी खत्म होने के कारण तमाम लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक, एक्सिस बैंक आदि जगहों पर तो लोगों को रविवार को नोट बदलने के बाद पंद्रह दिन बाद बैंक आने की बात कही गई। इस पर कई जगहों पर नोंकझोंक भी हुई। वरुणापार इलाके में कचहरी से लेकर आशापुर तक विभिन्न बैंकों और एटीएम पर अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़ अधिक रही। पांडेयपुर में पंजाब नेशनल बैंक, पहड़िया में स्टेट बैँक, एचडीएफसी बैंक के साथ ही आशापुर में केनरा बैंक एवं सारनाथ में भारतीय स्टेट बैंक में भी लोगों की लंबी कतार लगी रही। यहां लोगों ने बताया कि घंटो लाइन में लगने के बाद कैश खत्म होने की जानकारी दी गई और लौटा दिया गया।
विज्ञापन
शाम करीब पांच बजे लंका स्थित एचडीएफसी बैंक का गेट बंद होने से भड़की एक शिक्षिका ने गार्ड पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए उसे थप्पड़ जड़ दिया। लंका पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया। भेलूपुर के गुरुधाम स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में भीड़ के दबाव से लोहे की रेलिंग टूट गई। इसके बाद कुछ देर तक हंगामा और अफरातफरी का माहौल रहा। पुलिस ने लाठी पटककर लोगों को शांत कराया। पहड़िया में भी एसबीआई और पीएनबी के बाहर भीड़ को शांत करने के लिए पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ीं।
विज्ञापन
इसी तरह चितईपुर के बैंक ऑफ बड़ौदा, लंका के सेंट्रल बैंक व एक्सिस बैंक, नेवादा के पंजाब नेशनल बैंक, भेलूपुर के यूनियन बैंक व स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ ही मंडुवाडीह, चांदपुर, लहरतारा, महमूरगंज, रथयात्रा, सिगरा, गोदौलिया, चौक, लहुराबीर, मैदागिन, बुलानाना, कचहरी, अर्दली बाजार, पांडेयपुर सहित शहर के अन्य इलाकों में बैंकों के बाहर उमड़ी भीड़ रुपये जल्दी पाने के लिए हंगामा करती रही। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों, डाकघरों पर सुबह से ही लंबी लाइन लगी रही। धौरहरा में बैंक का सर्वर डाउन और बैंकों में समय से पहले कैश खत्म होने की वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। कपसेठी बाजार स्थित एसबीआई शाम छह बजे हंगामा हुआ। लोगों का आरोप था कि लाइन में लगने के बाद भी पैसा नहीं मिला। भाजपा नेता रविंद्र यादव ने इसकी शिकायत पुलिस से की, जिस पर उनकी बैंक कर्मियों से नोंकझोंक हुई। चौबेपुर के यूनियन बैक मे सुबह से दोपहर तक लाइन मे खड़े लोगों को नोट न बदलने, लाइन लगाने को लेकर धक्कामुक्की हुई। बैंक काम एक घंटे तक प्रभावित रहा। ओरियंटल बैंक आफ कामर्स में सर्वर डाउन होने की वजह से घंटों लाइन लगाकर लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे। रोहनिया-मोहनसराय इलाके में बैंकों में दिन भर मारामारी देखने को मिली। दानगंज में भी सर्वर डाउन होने की वजह से किचकिच हुई। लोहता में एसबीआई, बॉब, इलाहाबाद बैंक, काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक सहित अन्य बैंकों पर पैसा बदलने-जमा करने के लिए भीड़ लगी रही। मिर्जामुराद डाकघर में सुबह दस बजे काउंटर खुलने के करीब एक घंटे बाद ही पैसा खत्म होने पर लोगों ने हंगामा मचाया।
विज्ञापन
पांच सौ और एक हजार के नोट बंद होने के बाद जहां लोग अपने खातों में पैसे की जमा और निकासी से जूझ रहे हैं, वहीं उन्हें नोट बदलने के लिए भी मारामारी करनी पड़ रही है। हालात यह है कि समय से पैसा न मिलने की वजह से दूध-सब्जी और दवा खरीदने के लिए सांसत झेलनी पड़ रही है। बैंकों पर सुबह छह बजे से ही भीड़ उमड़ रही है लेकिन किसी को चार तो किसी को छह घंटे बाद पैसा मिल पा रहा है। नोट बंद होने के फैसले के चौथे दिन रविवार को बैंकों और एटीएम पर लंबी-लंबी लाइनें लगी रही। बस कहने को बैंक दस बजे खुल रहे हैं लेकिन अधिकांश जगहों पर पैसे का लेन-देन एक-दो घंटे की देरी से शुरू हो रहा है। दूसरी ओर समय से पहले पैसा भी खत्म होने के कारण तमाम लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक, एक्सिस बैंक आदि जगहों पर तो लोगों को रविवार को नोट बदलने के बाद पंद्रह दिन बाद बैंक आने की बात कही गई। इस पर कई जगहों पर नोंकझोंक भी हुई। वरुणापार इलाके में कचहरी से लेकर आशापुर तक विभिन्न बैंकों और एटीएम पर अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़ अधिक रही। पांडेयपुर में पंजाब नेशनल बैंक, पहड़िया में स्टेट बैँक, एचडीएफसी बैंक के साथ ही आशापुर में केनरा बैंक एवं सारनाथ में भारतीय स्टेट बैंक में भी लोगों की लंबी कतार लगी रही। यहां लोगों ने बताया कि घंटो लाइन में लगने के बाद कैश खत्म होने की जानकारी दी गई और लौटा दिया गया।