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विश्व दृष्टि दिवस 2023: 30 घंटे के बच्चे से लेकर 105 साल की महिला का हुआ नेत्रदान, यहां होता है नेत्रदान

Thu, 12 Oct 2023 08:54 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Thu, 12 Oct 2023 08:54 AM IST
सार

शिवपुर के एक परिवार ने अपने 30 घंटे के बच्चे का नेत्रदान करवाकर मिसाल पेश की थी। परिवार के लोगों ने बेटे की मौत के बाद नेत्रदान कराना जरूरी समझा। उन्होंने लायंस आई बैंक में नेत्रदान करवाया था। ऐसे ही जौनपुर के एक परिवार ने अपनी 105 साल की दादी का भी नेत्रदान कराया था।

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World Sight Day 2023: Eye donation from 30-hour-old baby to 105-year-old woman
नेत्रदान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्होंने जन्म से ही अपनी आंखों की रोशनी खो दी। हालांकि नेत्रदान की बदौलत कुछ की जिंदगी में रोशनी भी आई। विश्व दृष्टि दिवस हमें अपनी आंखों के प्रति जागरूक रहने का संदेश देता है।

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बीएचयू नेत्र विभाग के प्रो. प्रशांत भूषण ने बताया कि लापरवाही कि वजह से ग्लूकोमा के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। शुगर से पीड़ित मरीजों की आंखें प्रभावित हुईं हैं। बीएचयू आई बैंक में अभी तक नेत्रदान के बाद कॉर्निया लगवाकर 40 लोगों की रोशनी लौटाई गई। इनमें सुबरन देवी (68), पन्नी (55) और सुलबी देवी (65) शामिल हैं। लायंस आई बैंक के डॉ. अनुराग टंडन ने बताया कि मोबाइल के ज्यादा प्रयोग से भी आंखें प्रभावित हो रही हैं। लोगों को जागरूक कर नेत्रदान करवाया जा रहा है।

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तीन आई बैंक ने दी 4000 को जिंदगी

जिले में तीन आई बैंक ने करीब चार हजार लोगों की आंखों की रोशनी लौटाई। सबसे ज्यादा तीन हजार लोगों को कॉर्निया लगवाया। जबकि वाराणसी आई बैंक सोसाइटी 9200 लोगों को कॉर्निया लगवाई है। वहीं, बीएचयू 40 लोगों की जिंदगी में रोशनी लाया है। इन संस्थाओं में पांच हजार नेत्रदान हुए हैं। 40 हजार से अधिक लोगों ने नेत्रदान के लिए आवेदन किया है।

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World Sight Day 2023: Eye donation from 30-hour-old baby to 105-year-old woman
नेत्रदान

30 घंटे के बच्चे का हुआ था नेत्रदान

शिवपुर के एक परिवार ने अपने 30 घंटे के बच्चे का नेत्रदान करवाकर मिसाल पेश की थी। परिवार के लोगों ने बेटे की मौत के बाद नेत्रदान कराना जरूरी समझा। उन्होंने लायंस आई बैंक में नेत्रदान करवाया था। ऐसे ही जौनपुर के एक परिवार ने अपनी 105 साल की दादी का भी नेत्रदान कराया था।

अपने माता-पिता, ताऊ, दादा के अलावा सगे-संबंधियों का नेत्रदान करवाया। अभी तक एक दर्जन नेत्रदान करवा चुके हैं। मेरी कोशिश होती है कि अधिक से अधिक लोग नेत्रदान करें, ताकि जिनकी जिंदगी अंधेरे में कट रही है। उन्हें उजाला मिल सके।-आमोद अग्रवाल, मैदागिन

मैंने अभी तक सौ लोगों के मरने के बाद उनकी आंखों का नेत्रदान करवाया है। शवदाह गृह हरिशचंद्र घाट से भी आधा दर्जन शवों का नेत्रदान करवाया है। -राजेश संड, अशोक विहार कॉलोनी, पहड़िया

मेडिकल कॉलेजों में भेजते हैं कॉर्निया

डॉ. अनुराग टंडन ने बताया कि वाराणसी से नेत्रदान किया कॉर्निया गोरखपुर, कानपुर, लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में भी भेजा जाता है।

World Sight Day 2023: Eye donation from 30-hour-old baby to 105-year-old woman
नेत्रदान

आवेदन किए मगर नहीं हुए जागरूक

डॉ. अनुराग टंडन ने बताया कि जिले में आवेदन करने वालों की संख्या ज्यादा है। वे मरने के बाद नेत्रदान करना तो चाहते हैं। मगर परिवार में जागरूकता कम होने से सभी का नेत्रदान नहीं हो पाता। क्लब व संस्थाएं आगे आती हैं, जो नेत्रदान कराने में मदद करती हैं। अभी और नेत्रदान कराने की जरूरत है। ताकि देश में बढ़ते अंधेपन को दूर किया जा सके।

आज निकाली जाएगी जागरूकता यात्रा

स्वास्थ्य विभाग की ओर से महमूरगंज स्थित कंपोजित विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम होगा। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नेत्र परीक्षण किया जाएगा। जबकि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत गठित टीमें विद्यालयों में बच्चों की आंखों की जांच करेंगी। वहीं, जीवन ज्योति संस्थान कचहरी से सुबह 10:30 बजे जागरूकता रैली निकालेगा।

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