विश्व लिवर दिवस: अस्पतालों में लिवर समस्या के हर दिन 300 नए मरीज, इनमें 200 शराब पीने वाले; खानपान में असंतुलन
Lever Day 2026: बीएचयू अस्पताल के गैस्ट्रो वार्ड में कुल 48 बेड में से 35 पर शराब के सेवन से लीवर खराब होने वाले मरीज भर्ती हैं। डॉक्टरों के अनुसार अत्यधिक शराब सेवन से लीवर सिरोसिस और अन्य गंभीर बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। चिकित्सकों ने लोगों से संयम बरतने और समय पर इलाज कराने की अपील की है।
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Varanasi News: फास्टफूड के सेवन के अलावा शराब पीने की लत लगने से लोगों में लिवर संक्रमण बढ़ता जा रहा है। जिले के अस्पतालों में लिवर संबंधी समस्या के हर दिन 300 नए मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। जांच में इनमें 200 के लीवर खराब होने की वजह शराब पीना रही। बीएचयू अस्पताल के गैस्ट्रो वार्ड में तो कुल 48 बेड में इस समय 35 पर शराब पीकर लीवर खराब वाले मरीज भर्ती हैं।
लिवर संबंधी समस्या के प्रति जागरूकता को लेकर हर साल 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जाता है। बीएचयू अस्पताल के गैस्ट्रोलॉजी ओपीडी में हर दिन 700 मरीज आते हैं। इसमें 200 में लिवर की समस्या देखने को मिलती है।
गैस्ट्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डाॅ. देवेश प्रकाश यादव का कहना है कि हर दिन जिन 200 लोगों में लिवर की समस्या मिल रही है, उसमें में करीब 150 में तो शराब पीने की वजह सामने आती है। करीब 10 वर्षों में लिवर में खराबी की बड़ी वजह शराब बनती जा रही है। चिंता की बात यह है कि गैस्ट्रोवार्ड के कुल 48 बेड में 70 फीसदी से अधिक यानी 35 मरीज ऐसे भर्ती हैं जिनका लिवर शराब पीने की वजह से खराब हो गया है। इसमें 30 से लेकर 55 साल के मरीज हैं।
बदलती जीवन शैली, खानपान में असंतुलन है वजह
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. मनीष यादव का कहना है कि बदलती जीवनशैली और खानपान में असंतुलन की वजह से लीवर संबंधी समस्या बढ़ी है। बच्चों में जहां फास्टफूड के सेवन की वजह से बीमारी हो रही है तो बड़ों में अधिकांश लोगों में शराब पीने की आदत से लीवर खराब हो रहा है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को परामर्श, जांच करने के साथ ही शराब पीने की आदत छोड़ने के प्रति जागरूक भी किया जाता है।