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विश्व प्रसिद्ध चौखंडी स्तूप की दीवार में दरार
वाराण्ासी, ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2015 02:03 AM IST
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वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय महत्व के चौखंडी स्तूप की दीवार में दरार आ गई है। शुक्रवार को इसकी जानकारी मिलते ही भारतीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
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मुआयने का सिलसिला पूरे दिन चला। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शाम को संरक्षण कार्य शुरू करा दिया गया। अपनी विशिष्ट संरचना के लिए दुनिया भर में ख्यात इस गुप्तकालीन बौद्ध स्तूप से देश-दुनिया के करोड़ों बौद्ध अनुयायियों की आस्था जुड़ी है।
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इसकी दीवार में दरार आने से बौद्ध अनुयायियों और इतिहास प्रेमियों में चिंता की लहर दौड़ गई है।
करीब 93 फीट ऊंचाई वाले चौखंडी स्तूप की पूरी संरचना ईंट निर्मित है। 835 ई. और फिर 1904-05 ई. में कराए गए पुरातात्विक उत्खनन में यह पूरी संरचना सामने आई। देश-दुनिया से हर साल बड़ी तादाद में बौद्ध अनुयायी स्तूप की परिक्रमा के लिए सारनाथ पहुंचते हैं। दर्शन-पूजन करते हैं।
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इस स्तूप के पिछले हिस्से की दीवार (पश्चिम की ओर) में दरार आ गई है। शुक्रवार को इसकी जानकारी एएसआई की सारनाथ सर्किल के अधिकारियों को हुई। आशंका है कि पिछले दिनों हुई बारिश के दौरान मिट्टी के गारे से बनी दीवार में पानी घुसने से यह दरार आई।
हालांकि अभी एएसआई के विशेषज्ञ इसकी पड़ताल में जुटे हैं, साथ ही मरम्मत कार्य भी शुरू करा दिया गया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो स्तूप के अगले हिस्से की दीवार को पहले ही संरक्षित करा दिया गया है लेकिन पीछे की दीवार का संरक्षण कार्य अभी नहीं कराया गया था।
यदि इसे संरक्षित कर दिया गया होता तो यह समस्या नहीं आती। सारनाथ में चल रहे पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण कार्य की गति धीमी होने से भी दिक्कतें आ रही हैं।