पुस्तकों को सहजने, संरक्षित करने और उन्हें बढ़ावा देने के अलावा पढ़ाई के प्रति खासकर युवाओं में ललक जगाने के लिए भी हर साल 23 अप्रैल को विश्व पुस्तक दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर साहित्यकारों का मानना है कि समाज को जो जितना बेहतर पढ़ेगा, उतना ही बेहतर लिखेगा।
World Book Day 2024: समाज को जो जितना बेहतर पढ़ेगा, उतना ही बेहतर लिखेगा
अमरनाथ प्रसाद, अमर उजाला
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Tue, 23 Apr 2024 10:50 AM IST
सार
World Book Day 2024: इस्लामी विद्वान अल्लामा शिबली नोमानी द्वारा 1914 में स्थापित दारुल मुसन्नेफिन अकादमी को लेखकों का घर कहा जाता है। हालांकि यहां की करीब डेढ़ लाख किताबों को ऑनलाइन करने के लिए बजट का अभाव है। यदि सरकार सहायता करे तो निश्चित रूप से एशिया की बड़ी लाइब्रेरी में शुमार इस एकेडमी से शोधाथीर् और इतिहास के छात्र ज्यादा लाभ उठा सकते हैं।
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