राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर मजदूर की बेटी ने रचा इतिहास, संघर्षों भरा रहा है सफर
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राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 10 किलोमीटर पदचाल में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रीय रिकार्ड बनाने वाली काशी की मुनिता प्रजापति को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बधाई दी है। उधर, मुनिता की मां रासमनी कभी बेटी को बाहर खेलने से भेजने पर डरती थी, मगर अब बेटी की उपलब्धियों पर गर्व कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय सहित कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं प्रतिभाग और पदक प्राप्त कर ओलंपिक के ख्वाब संजोए मुनिता ने बधाइयों से गदगद होकर फोन पर बताया कि उपलब्धि को हासिल करने के बाद जितना प्रोत्साहन और सम्मान मिलता है उसके पीछे काफी कठिन परिश्रम भी छिपा होता है।
पांच साल पहले एथलेटिक्स में हिस्सा लेना चाहती थी तो उनकी मां जाने से रोकती थी। मगर जिद्द करने के बाद गांव के एक स्कूल में अभ्यास करने जाने देती थी, लेकिन बाहर खेलने जाने से रोकती थी। मजदूरी करके घर चलाने वाले पिता बिरजू प्रजापति की सेहत ठीक न होने से घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक न होने के बाद भी मुनिता का जुनून परवान चढ़ता गया।
जिसकी बदौलत 2017 में नेशनल जूनियर में रजत, तीन बार स्कूल नेशनल, खेलो इंडिया, दो बार नेशनल यूथ एथलेटिक्स टूर्नामेंट में स्वर्ण और रजत पदक जीता। इसके अलावा साल 2019 में एशियन यूथ एथलेटिक्स में भी प्रतिभाग कर देश का मान बढ़ाया।
तीन बहनों में सबसे छोटी मुनिता ने बताया कि एथलेटिक्स प्रतियोगिता की शुरुआत उन्होंने गांव के पास इंटरमीडिएट कॉलेज के खेल मैदान से शुरू की। जहां उन्हें निर्भय पाल और रवि कुमार नाम के कोच पदचाल प्रशिक्षण देते थे।
3000 और 5000 मीटर में कई पदक जीतकर 10 हजार मीटर में रिकार्ड बनाया। मुनिता मध्य प्रदेश के भोपाल साई सेंटर में अभ्यास करती है। अभी फिलहाल रांची में होने वाली आठवीं नेशनल एथलेटिक्स प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने गई है।