जानें आजमगढ़ में क्यों मनचलों पर आफत आई, खूब धुनाई
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आजमगढ़ में महिला हिंसा पर रोक लगाने और मनचलों की गिरफ्तारी के लिए एसपी त्रिवेणी सिंह की तरफ से सोमवार की रात महिला थाना प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मियों को लगाया गया था। जो रेलवे स्टेशन, रोडवेज सहित अन्य भीड़ वाले स्थानों पर खड़ी थी। महिलाओं को देखकर सोहदे अपनी हरकतों से बाज नहीं आए और पुलिस के जाल में फंस गए। पुलिस ने आठ शोहदे को पकड़ा और सभी की जमकर धुनाई की गई।
एसपी ने बताया कि बीते कई दिनों से इस प्रकार की शिकायतें मिल रही थी। योजना के तहत सादे कपड़े में महिला पुलिसकर्मी तैनात किए गए। जिन्हें देखने के बाद सोहदे मंडराने लगे। इस दौरान कार से पहुंचे एक शख्स ने पूछा कि मैडम आपको कहां जाना है, मैं छोड़ दूंगा। तो किसी ने चाय पीने की पेशकश किया। ऐसे अंजान महिलाओं के साथ इस प्रकार की हरकत करने वाले अलग-अलग स्थानों से आठ आरोपियों को पकड़ा गया है। इस अभियान में महिला प्रभारी निरीक्षक ज्ञानू प्रिया और उनकी टीम का अहम योगदान है।
दुराचार का प्रयास करने वाला गिरफ्तार
अतरौलिया थाने की पुलिस मंगलवार को दुराचार का प्रयास करने वाले आरोपी को उसके गांव के पास से गिरफ्तार कर उसका चालान कर दी। गिरफ्तार आरोपी सुभाष यादव उर्फ शिबू आठ दिसंबर की देर शाम अपने गांव की रहने वाली युवती को पकड़कर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस केस दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुटी थी। मंगलवार को मुखबिर के जरिए सूचना मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
झुलसी महिला की मौत
रानी की सराय कस्बे की रहने वाली निधि गुप्ता (35) पत्नी दयाशंकर सोमवार की सुबह घर में भोजन बना रही थी। इस दौरान साड़ी में आग पकडने से वह गंभीर रुप से झुलस गई। परिवार के लोग आग पर काबू पाने के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान मंगलवार को निधि की मौत हो गई। वह दो बेटा और एक बेटी की मां थी।