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महिला का रजिस्ट्रेशन सरकारी अस्पताल में और प्रसव प्राइवेट में, सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 17 Jan 2018 10:45 AM IST
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बनारस के हरहुआ में पीएचसी और सीएचसी पर सरकारी सुविधा के बंटवारे का खेल चल रहा है। पैसों के लालच में कुछ लोगों की मिलभगत से सरकार और जनता दोनों को चूना लग रहा है।
एएनएम और आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं का रजिस्टेशन सरकारी अस्पताल में कराकर प्राइवेट अस्पताल में प्रसव करा रही हैं। इससे दोनों जगहों से कमीशन मिल जा रहा है।
ऐसा ही एक मामला हरहुआ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सामने आया। हरहुआ क्षेत्र के बेदी गांव की गर्भवती ज्योति 13 जनवरी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरहुआ में आई।
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एएनएम और आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं का रजिस्टेशन सरकारी अस्पताल में कराकर प्राइवेट अस्पताल में प्रसव करा रही हैं। इससे दोनों जगहों से कमीशन मिल जा रहा है।
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ऐसा ही एक मामला हरहुआ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सामने आया। हरहुआ क्षेत्र के बेदी गांव की गर्भवती ज्योति 13 जनवरी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरहुआ में आई।
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कमीशन का खेल
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अस्पताल में महिला का रजिस्ट्रेशन किया गया। 14 जनवरी को उसे डिस्चार्ज दिखाया गया। यहीं नहीं, एंबुलेंस से घर छोड़ना भी दिखाया गया। जबकि महिला का प्रसव किसी प्राइवेट अस्पताल में हुआ है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को जब इस घटना की जानकारी हुई तो वह कार्रवाई की जगह इस मामले में लीपापोती कराने लगे। चिकित्साधिकारी शिवसागर कनौजिया ने पहले अनभिज्ञता जाहिर की।
सके साथ ही कहा कि कभी-कभी महिलाएं रजिस्ट्रेशन के बाद प्राइवेट अस्पताल में चली जाती हैं। अगर ऐसा हुआ है तो संबंधित एएनएम व आशा कार्यकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को जब इस घटना की जानकारी हुई तो वह कार्रवाई की जगह इस मामले में लीपापोती कराने लगे। चिकित्साधिकारी शिवसागर कनौजिया ने पहले अनभिज्ञता जाहिर की।
सके साथ ही कहा कि कभी-कभी महिलाएं रजिस्ट्रेशन के बाद प्राइवेट अस्पताल में चली जाती हैं। अगर ऐसा हुआ है तो संबंधित एएनएम व आशा कार्यकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।