वाराणसी: बिना समाधान रास्ते के विवाद को किया निस्तारित, महिला ने दी जान; राजस्व टीम ने की जमीन की नापी
रास्ता बंद होने से परेशान महिला ने जान दे दी। अहरक गांव में दो फीट के संकरे रास्ते को लेकर विवाद तहसील कोर्ट में विचाराधीन है। महिला का शव 24 घंटे से घर पर पड़ा है। परिजनों ने रास्ते का विवाद सुलझने तक अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। राजस्व टीम ने जमीन की नापी की। अधिकारी परिजनों को समझाने में जुटे हैं।
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बड़ागांव थाना क्षेत्र के अहरक गांव में रास्ते के विवाद ने एक परिवार को ऐसा झकझोर दिया कि कविता उपाध्याय ने बुधवार शाम सात बजे फंदे से लटककर जान दे दी। अब रास्ते के विवाद ने अंतिम संस्कार भी रोक दिया है। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है और 24 घंटे से शव घर में रखा है।
उनका कहना है कि छह फीट का रास्ता बंद कर दिया गया है और महज दो फीट की जगह से आवागमन हो रहा है। ऐसे में सवाल है कि जब दो फीट की जगह से एक व्यक्ति का निकलना मुश्किल है तो अर्थी को चार कंधे कैसे मिलेंगे। मामला तहसील कोर्ट में विचाराधीन है। एसडीएम, एसीपी और राजस्व टीम मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाने में जुटी है। राजस्व टीम ने जमीन की नापी भी की है। अंतिम संस्कार तभी होगा जब रास्ते का निस्तारण होगा।
मृतका के बेटे विशाल का आरोप है कि करीब दो वर्ष पहले पड़ोसी मनीष और अमित उपाध्याय के परिजनों ने वहां चाहरदीवारी कर रास्ता बंद कर दिया। इसके बाद परिवार को करीब दो फीट चौड़े वैकल्पिक रास्ते से आवागमन करना पड़ रहा था। रास्ते के विवाद को लेकर परिवार ने कई बार जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत की। करीब एक वर्ष पहले धरना भी दिया गया था।
तहसील में एसडीएम को कई प्रार्थना पत्र देने के साथ 22 जुलाई 2026 को डीएम की जनसुनवाई में भी शिकायत की गई थी। परिजनों का कहना है कि शिकायत को 12 अगस्त को आख्या लगाकर निस्तारित दिखा दिया गया, लेकिन मौके पर समस्या का समाधान नहीं हुआ। परिजनों के अनुसार, अधिकारियों के चक्कर लगाने और रास्ते की समस्या का समाधान नहीं होने से मां मानसिक रूप से परेशान थी। बुधवार की शाम सात बजे फंदे से लटकर जान दे दी।
अधिकारियों ने समझाया, परिजन रास्ते के समाधान पर अड़े
घटना की सूचना पर एसडीएम कुंदन राज सिंह, एसीपी पिंडरा प्रशांत सिंह, नायब तहसीलदार, बड़ागांव थाना प्रभारी और फूलपुर पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे रास्ते का विवाद हल होने तक शव हटाने पर सहमत नहीं हुए। इसके बाद एसडीएम और नायब तहसीलदार के निर्देशन में राजस्व टीम ने विवादित जमीन की नापी की। दोनों पक्षों के दस्तावेजों की भी जांच की गई। राजस्व अधिकारियों के अनुसार, जिस स्थान से मृतका के परिजन रास्ते की मांग कर रहे हैं, वह विपक्षी की निजी आराजी में है और इसी स्थान पर निर्माण कराया गया है।
तहसीलदार न्यायालय में लंबित है मामला
एसडीएम कुंदन राज सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच विवाद का मामला तहसीलदार न्यायालय में लंबित है। राजस्व अभिलेखों और दोनों पक्षों के दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।