Varanasi: ट्रेन के सामने कूद कर महिला और युवक ने जान दी, सीमा विवाद में उलझी जीआरपी और पुलिस
वाराणसी के फुलवरिया क्षेत्र में शुक्रवार को रेलवे लाइन के किनारे बैठी हुई एक महिला और एक युवक ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस ट्रेन के सामने कूद कर जान दे दी। सूचना पाकर पहुंची कैंट थाने की पुलिस और कैंट जीआरपी डेढ़ घंटे तक सीमा विवाद में उलझी रही।
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वाराणसी के फुलवरिया क्षेत्र में शुक्रवार को रेलवे लाइन के किनारे बैठी हुई एक महिला और एक युवक ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस ट्रेन के सामने कूद कर जान दे दी। सूचना पाकर पहुंची कैंट थाने की पुलिस और कैंट जीआरपी डेढ़ घंटे तक सीमा विवाद में उलझी रही। बाद में कैंट थाने की पुलिस ने दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। देर शाम तक दोनों के शव की पहचान नहीं हो पाई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोटवा मार्ग पर फुलवरिया क्षेत्र में रेलवे लाइन के किनारे लगभग 30 से 35 साल की उम्र के बीच की एक महिला और एक पुरुष सुबह 10 बजे के पहले से बैठे हुए बात कर रहे थे। दोनों की बातचीत के दौरान लगभग 10:50 बजे लोहता की ओर से बुंदेलखंड एक्सप्रेस ट्रेन आई।
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रेलवे ट्रैक पर मिले क्षत-विक्षत शव
इस बीच महिला अचानक खड़ी हुई और ट्रेन की तरफ ट्रैक पर दौड़ने लगी। महिला के पीछे युवक भी दौड़ा। इसके बाद लोगों ने रेलवे ट्रैक पर दोनों का क्षत-विक्षत शव देखा। कैंट थाने की पुलिस के अनुसार, महिला सफेद बॉर्डर वाली लाल रंग की साड़ी और ब्लाउज पहने हुए थी। उसके दाएं हाथ पर ल लिखा हुआ है।
युवक नीले रंग की पैंट और सफेद रंग की धारीदार फुल शर्ट पहने हुए था। उसके हाथ पर ॐ का निशान बना हुआ है। इस संबंध में कैंट इंस्पेक्टर प्रभुकांत ने बताया कि लोहता, मंडुवाडीह और शिवपुर थाने के साथ ही अन्य थानों की पुलिस को युवक और महिला के बारे में जानकारी दी गई है। अगले 72 घंटे तक शवों की पहचान कराने की कोशिश की जाएगी। इसके बाद पोस्टमार्टम कराकर अंत्येष्टि कराई जाएगी।
ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत
महमूदपुर गांव में शुक्रवार की शाम दून एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। सूचना पाकर पहुंची जीआरपी ने परिजनों की मांग पर पंचनामा कर शव उन्हें सौंप दिया। परिजनों ने बताया कि सनी (20) रेलवे ट्रैक पार कर रहा था। इसी दौरान ट्रेन आ गई और उसकी चपेट में आने से सनी की मौत हो गई। तीन भाई और तीन बहन में सबसे बड़े सनी की शादी नहीं हुई थी। सनी मजदूरी करता था। उसकी मौत की सूचना पाकर मां गीता देवी की तबीयत खराब हो गई। वह बार-बार बेहोश हो जा रही थीं।