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वीआईपी की बकरी अहम, जनता हाशिए पर क्यों ?
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।
Updated Wed, 23 Dec 2015 01:30 AM IST
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अगर वीआईपी की बकरी भी चोरी हो जाए तो पूरा पुलिस महकमा उसकी खोजबीन में जुट जाता है। वहीं आम आदमी के घर रोजाना चोरियों हो रही हैं लेकिन पुलिस चोरों को पकड़ नहीं पाती। छात्रा के इस सवाल पर निवेदिता शिक्षा सदन बालिका इंटर कॉलेज के पूरे हॉल में तालियां गूंजने लगीं। जवाब में सीओ भेलूपुर डीपी शुक्ला ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है। पुलिस केवल वीआईपी के यहां हुई चोरी का खुलासा करने में तेजी दिखाती है, यह कहना सही नहीं है। पुलिस के लिए हर घटना महत्वपूर्ण होती है।
अमर उजाला फाउंडेशन की पहल पर महमूरगंज स्थित निवेदिता शिक्षा सदन बालिका इंटर कालेज में आयोजित ‘पुलिस की पाठशाला’ में छात्राओं ने पुलिस की व्यवस्था को लेकर कई सवाल किए। छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए सीओ भेलूपुर डीपी शुक्ला ने कहा कि पुलिस आम जनता की सेवा के लिए है। कतई न डरें। जब भी जरूरत हो, बेझिझक अपनी बात पहुंचाएं। पुलिस एक दोस्त की तरह आपकी मदद के लिए हाजिर होगी।
उन्होंने छात्राआें को महिला हेल्पलाइन और साइबर क्राइम की जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस की वर्दी आम जनता की सेवा और कानून व्यवस्था का पालन सुनिश्चित कराने के लिए पहनाई गई है। स्कूल आते-जाते समय या कहीं भी कोई छेड़छाड़ करे, तंग करे या डराने-धमकाने की कोशिश करे तो तत्काल उसकी शिकायत करें। पुलिस कुछ मिनटों के अंदर ही सहायता के लिए पहुंच जाएगी।
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इसमें झिझकने की कोई जरूरत नहीं, यह पुलिस का कर्तव्य है और आपका अधिकार है। विद्यालय की छात्रा महिमा बिंद और वंदना यादव ने पूछा कि साइबर क्राइम से कैसे बचा जा सकता है। इस बारे में कहां शिकायत करनी चाहिए। वहीं, साक्षी जायसवाल ने पूछा कि सीबीआई, सीआईडी, एसटीएफ, एसओजी क्या है। प्रीति ने पूछा की महिलाओं के साथ कोई घटना होती है या फिर छेड़छाड़ की शिकायत करनी है तो इसे कहां और किस नंबर पर दर्ज कराना होता है।
सीओ भेलूपुर डीके शुक्ला ने एक-एक कर इन सभी सवालों के जवाब दिए। उन्होंने बताया कि मौजूदा दौर में इंटरनेट का प्रयोग और उसकी उपयोगिता तेजी से बढ़ी है और इसके साथ साइबर क्राइम की घटनाएं भी बढ़ी हैं। सोशल नेटवर्किंग के इस दौर में कुछ जरूरी सावधानियाें का ख्याल हमेशा रखा जाना चाहिए। सावधानियों की अनदेखी, अपरिचितों की बातों पर भरोसा या फिर किसी लालच में आकर हम साइबर ठगों के जाल में फंस जाते हैं।
इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं बल्कि सचेत रहने की जरूरत है। ह्वाट्सएप, ट्विटर, फेसबुक सहित अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट्स का इस्तेमाल सावधानी से करें। कतई किसी के बहकावे में न आएं। यदि कभी कोई साइबर क्राइम का शिकार हो जाए तो तत्काल उसे पुलिस से शिकायत करनी चाहिए। हर थाने में अलग से साइबर सेल बना हुआ है। प्रारंभिक सूचना सौ नंबर पर दीजिए। पुलिस खुद मामले की पड़ताल के लिए उसे साइबर सेल के सुपुर्द कर देगी। आकांक्षा गौड़ और नेहा मिश्रा ने पूछा कि महिलाओं को पुलिस में भर्ती होना है तो इसके लिए क्या जरूरी योग्यताएं होनी चाहिए। सीओ भेलूपुर ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में नए मुकाम हासिल कर रही हैं। पुलिस विभाग में भी उनके लिए अच्छे अवसर हैं। किसी भी क्षेत्र में उच्च पदों पर जाने के लिए शुरुआत से ही अपनी पढ़ाई का आधार मजबूत बनाते रहना चाहिए।
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अमर उजाला फाउंडेशन की पहल पर महमूरगंज स्थित निवेदिता शिक्षा सदन बालिका इंटर कालेज में आयोजित ‘पुलिस की पाठशाला’ में छात्राओं ने पुलिस की व्यवस्था को लेकर कई सवाल किए। छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए सीओ भेलूपुर डीपी शुक्ला ने कहा कि पुलिस आम जनता की सेवा के लिए है। कतई न डरें। जब भी जरूरत हो, बेझिझक अपनी बात पहुंचाएं। पुलिस एक दोस्त की तरह आपकी मदद के लिए हाजिर होगी।
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उन्होंने छात्राआें को महिला हेल्पलाइन और साइबर क्राइम की जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस की वर्दी आम जनता की सेवा और कानून व्यवस्था का पालन सुनिश्चित कराने के लिए पहनाई गई है। स्कूल आते-जाते समय या कहीं भी कोई छेड़छाड़ करे, तंग करे या डराने-धमकाने की कोशिश करे तो तत्काल उसकी शिकायत करें। पुलिस कुछ मिनटों के अंदर ही सहायता के लिए पहुंच जाएगी।
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इसमें झिझकने की कोई जरूरत नहीं, यह पुलिस का कर्तव्य है और आपका अधिकार है। विद्यालय की छात्रा महिमा बिंद और वंदना यादव ने पूछा कि साइबर क्राइम से कैसे बचा जा सकता है। इस बारे में कहां शिकायत करनी चाहिए। वहीं, साक्षी जायसवाल ने पूछा कि सीबीआई, सीआईडी, एसटीएफ, एसओजी क्या है। प्रीति ने पूछा की महिलाओं के साथ कोई घटना होती है या फिर छेड़छाड़ की शिकायत करनी है तो इसे कहां और किस नंबर पर दर्ज कराना होता है।
सीओ भेलूपुर डीके शुक्ला ने एक-एक कर इन सभी सवालों के जवाब दिए। उन्होंने बताया कि मौजूदा दौर में इंटरनेट का प्रयोग और उसकी उपयोगिता तेजी से बढ़ी है और इसके साथ साइबर क्राइम की घटनाएं भी बढ़ी हैं। सोशल नेटवर्किंग के इस दौर में कुछ जरूरी सावधानियाें का ख्याल हमेशा रखा जाना चाहिए। सावधानियों की अनदेखी, अपरिचितों की बातों पर भरोसा या फिर किसी लालच में आकर हम साइबर ठगों के जाल में फंस जाते हैं।
इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं बल्कि सचेत रहने की जरूरत है। ह्वाट्सएप, ट्विटर, फेसबुक सहित अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट्स का इस्तेमाल सावधानी से करें। कतई किसी के बहकावे में न आएं। यदि कभी कोई साइबर क्राइम का शिकार हो जाए तो तत्काल उसे पुलिस से शिकायत करनी चाहिए। हर थाने में अलग से साइबर सेल बना हुआ है। प्रारंभिक सूचना सौ नंबर पर दीजिए। पुलिस खुद मामले की पड़ताल के लिए उसे साइबर सेल के सुपुर्द कर देगी। आकांक्षा गौड़ और नेहा मिश्रा ने पूछा कि महिलाओं को पुलिस में भर्ती होना है तो इसके लिए क्या जरूरी योग्यताएं होनी चाहिए। सीओ भेलूपुर ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में नए मुकाम हासिल कर रही हैं। पुलिस विभाग में भी उनके लिए अच्छे अवसर हैं। किसी भी क्षेत्र में उच्च पदों पर जाने के लिए शुरुआत से ही अपनी पढ़ाई का आधार मजबूत बनाते रहना चाहिए।