Varanasi: वाटर टैक्सी का विरोध क्यों कर रहे हैं नाव संचालक? एसीपी ने दो दिन में बैठक करने का दिया आश्वासन
वाराणसी में जल्द ही नमोघाट और अस्सी घाट के बीच वाटर टैक्सी का संचालन शुरू होने जा रहा है। नाव संचालक वाटर टैक्सी का विरोध कर रहे हैं। गुरुवार को नाविक समाज ने नौका संचालन बंद कर दशाश्वमेध घाट पर धरना दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी में नाविक समाज ने गंगा में वाटर टैक्सी संचालन के विरोध में गुरुवार को नौका संचालन बंद कर दशाश्वमेध घाट पर धरना दिया। जानकारी पर पहुंचे एसीपी अवधेश पांडेय ने दो दिन में निगम प्रशासन के साथ बैठक कर समाधान ढूंढने का आश्वासन दिया तो नाविकों ने धरना खत्म किया। वहीं, वाटर टैक्सी संचालन के विरोध में सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक नौका संचालन ठप रहा।
प्रमोद मांझी ने कहा कि वाटर टैक्सी का संचालन कर नाविकों की आत्मनिर्भरता को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप लगाया कि नाविकों से न तो बातचीत की, न समस्या जानी और वाटर टैक्सी चलाने की तैयारी की जा रही है। नाविक समाज आंदोलन करेगा।
ये भी पढ़ें: 'मैं वचन देती हूं कि पति को धोखा नहीं दूंगी'...सोशल मीडिया पर घूम रहा शादी का शपथ पत्र
राकेश निषाद ने कहा कि वाटर टैक्सी का संचालन होने पर नाविक समाज के लोग बेरोजगार हो जाएंगे। धरने में राकेश निषाद, पृथ्वीनाथ, शंभु, प्रदीप, मनीष आदि मौजूद रहे। वहीं, एसीपी दशाश्वमेध अवधेश पांडेय ने बताया कि नाविकों की समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और बैठक कराकर इसका निदान किया जाएगा।
नौका संचालन बंद होने से पर्यटक हुए मायूस
नावें नहीं चलने से पर्यटक मायूस दिखे। छपरा से परिजनों के साथ आए राकेश ने बताया कि वे नौका विहार करते हुए काशी के अलौकिक घाटों का सुंदरता देखना चाहते थे, लेकिन नाव संचालन बंद होने से लौटना पड़ रहा है। कोलकाता से आईं जयता मुखर्जी ने बताया कि नाव में बैठकर घाटों की आभा निहारने की इच्छा नाव संचालन बंद होने की वजह से अधूरी रह गई। क्रूज की बुकिंग 15 जुलाई तक फुल है। अब नौका विहार करने के लिए एक दिन और रुकना पड़ेगा।