फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Whether Gyanvapi survey report should be made public or not...decision today

Varanasi : ज्ञानवापी सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक हो या नहीं ...फैसला आज, कुछ और मामलों पर भी रहेगी कचहरी में हलचल

Wed, 03 Jan 2024 02:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 03 Jan 2024 02:10 AM IST
सार

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में दो सील बंद लिफाफों में ज्ञानवापी की सर्वे रिपोर्ट दाखिल की है।

विज्ञापन
Whether Gyanvapi survey report should be made public or not...decision today
ज्ञानवापी... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ज्ञानवापी परिसर की सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए या नहीं, इस पर बुधवार को जिला जज की अदालत फैसला करेगी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में दो सील बंद लिफाफों में ज्ञानवापी की सर्वे रिपोर्ट दाखिल की है। रिपोर्ट की मांग हिंदू के साथ ही मुस्लिम पक्ष ने भी की है। हिंदू पक्ष ने रिपोर्ट की प्रति तत्काल दिए जाने का अनुरोध किया था। मुस्लिम पक्ष ने पहले आपत्ति जताई थी, फिर ईमेल आईडी देकर रिपोर्ट मांगी है।

विज्ञापन


सर्वे रिपोर्ट लीक न हो, मीडिया कवरेज पर लगे रोक
अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने जिला जज की अदालत में आपत्ति दाखिल की है। कमेटी ने अनुरोध किया कि शपथ पत्र लेने के बाद ही सर्वे की रिपोर्ट दी जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सर्वे की रिपोर्ट लीक नहीं होगी। मीडिया कवरेज पर रोक लगाने की मांग भी की गई है।
विज्ञापन


व्यासजी के तहखाने की सुपुर्दगी पर आदेश संभव
ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यासजी के तहखाने को जिलाधिकारी की सुपुर्दगी दिए जाने की मांग वाले वाद में बुधवार को आदेश आ सकता है। वाराणसी जिला जज की अदालत पक्षकार बनाने के विजय शंकर रस्तोगी के आवेदन पर भी आदेश दे सकती है। इस मामले में हिंदू पक्ष के वकील अब केस में नए पक्षकार को नहीं चाहते हैं। वहीं आवेदक खुद को पुराना पक्षकार बताकर केस में वादी बनना चाहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मछलियों के मरने मामले की सुनवाई संभव
ज्ञानवापी परिसर के सील क्षेत्र में मृत मछलियों और उनको सुरक्षित रखने के मामले में जिला जज की अदालत बुधवार को सुनवाई कर सकती है। यूपी सरकार के विशेष अधिवक्ता राजेश कुमार मिश्र ने बताया कि एडवोकेट आयुक्त के सर्वे के दौरान मछलियों को सुरक्षित रखने की बाबत आवेदन दिया था। इस पर अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की तरफ से आपत्ति की गई थी। वह आवेदन 80 ग के रूप में जिला जज की अदालत में अभी लंबित है। इस बीच मसाजिद कमेटी ने मछलियों के मरने और उन्हें सुरक्षित रखने को लेकर डीएम को आवेदन दिया गया है। कमेटी के अधिवक्ता मुमताज़ अहमद ने बताया कि अभी इस आवेदन पर कोई आदेश नहीं आया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed