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जब सड़क पर रख रहे सामान तो क्यों न लगे जाम

Mon, 27 Sep 2021 12:53 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 27 Sep 2021 12:53 AM IST
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When the goods are kept on the road, why not get jammed?
कहीं बाइक और कार तो कहीं सड़कों के किनारे रखे सामान। कुछ ऐसा ही हाल है लहुराबीर चौराहे के चारों ओर की सड़कों का। यूं तो चारों ओर की सड़कें कहीं 30 फीट तो कहीं 40 फीट की हैं। लेकिन बदइंतजामी और लचर रवैये के चलते सड़कें सिकुड़ कर लगभग आधी रह जाती हैं। दरअसल, चौराहे से मंडलीय अस्पताल की तरफ बढ़िये तो यहां एक तरफ सड़क पर चल रहे काम के कारण सड़क तो पहले ही संकरी हो गई है। उसपर दूसरी ओर सड़क किनारे दुकानों का सामान सड़कों पर आ गया है। इसमें भी बाइकों को खड़ा कर देना लोगों की परेशानी को और बढ़ा रहे हैं।
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चेतगंज थाने की तरफ बढ़ें तो चौराहे से ही अव्यवस्था और अतिक्रमण का आलम यह है कि दुकानें सड़क पर आ गई हैं। उसी में बाइक व कारों की अवैध पार्किंग अक्सर लगने वाले जाम का कारण बनते हैं। कुछ ऐसा ही हाल संपूणानंद संस्कृत विश्वविद्यालय और मलदहिया जाने वाले मार्ग का भी है। शहर के प्रमुख चौराहों में शुमार इस क्षेत्र से रोजाना 50 से 60 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है। लेकिन इस चौराहे के आसपास न तो पार्किंग की स्थायी व्यवस्था है न ही ट्रैफिक सिग्नल है।
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समस्याएं
-ट्रैफिक सिग्नल की बजाए मैनुअल व्यवस्था
-पार्किंग की व्यवस्था न होने से इधर, उधर खड़े होते हैं वाहन
-दुकानदारों द्वारा सामानों को सड़क पर रखना।
-चालान या जुर्माना लगाने की नियमित कार्रवाई न होना।
-व्यापारिक व सामाजिक संगठनों द्वारा कोई प्रयास न किया जाना।
समाधान
-प्रशासन द्वारा व्यापारिक व सामाजिक संगठनों को सख्त हिदायत दी जाए।
-चालान व जुर्माना की नियमित कार्रवाई की जाए।
-सड़क के चारों ओर पार्किंग की व्यवस्था हो।
-दुकानदारों व लोगों को जागरूक करने के लिए नियमित संदेश प्रसारित कराना।
-ट्रैफिक सिग्नल लगवाया जाए।
जाम से निपटने के लिए चौराहों को 50 मीटर तक नो व्हीकल पार्किंग जोन बनाया गया है। इसके लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया गया है कि इसका पालन कराएं। सिटी कमांड कंट्रोल से प्रमुख चौराहों की निगरानी की जा रही है। जाम में सहायक बनने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जा रही है। -डीके पुरी, एडीसीपी ट्रैफिक
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