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जिला प्रशासन ने जब नहीं सुनी फरियाद तो ग्रामीणों ने खुद कर दिखाया...

Thu, 16 Jan 2020 11:03 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Thu, 16 Jan 2020 11:03 PM IST
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When district administration did not listen to complaint, villagers built a bridge themselves
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

वाराणसी के चिरईगांव विकास खंड के ढाब सोता में बीते सितंबर में आई गंगा में बाढ़ के कारण अंबा मोकलपुर घाट के सामने लगी लोहे की प्लेट व अस्थायी पुलिया हटा दी गई थी। जिसे अभी तक नहीं लग गया था। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से लगायत विभागीय अधिकारियों तक गुहार लगाई लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। 

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थक-हार कर ग्रामीणों ने जन सहयोग से गुरुवार को पुलिया स्वयं बना दी। अब इस मार्ग पर आवागमन सुचारू रूप से संचालित हो सका। पुलिया नहीं होने से मोकलपुर के ग्रामीणों को मुस्तफाबाद-रमचंदीपुर पुल से होकर जाने में पांच किमी अधिक दूरी तय करनी पड़ती थी। सोता का पानी बीते नवंबर में ही सूख गया था, 
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लेकिन सारदा सहायक नहर का पानी आने के कारण ढाब के मोकलपुर व गोबरहा के राहगीरों को पानी से होकर गुजरना पड़ता था। विवेक यादव, सोमनाथ यादव, पिंटू यादव, सुभाष यादव, प्रभु यादव रिंकू निषाद, बंगाली निषाद, शशिकांत, संजय, महेंद्र, प्रभु यादव आदि ने बताया कि प्रशासन को पुलिया बनवाना चाहिए, लेकिन किसी के नहीं सुनने पर स्वयं निर्माण करना पड़ा। इस बाबत विभागीय अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन अधिकारियों ने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा।

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