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गेहूं खरीद: 33 क्रय केंद्रों पर पहुंचे 83 हजार बोरे, गेहूं में आई तेजी
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जिले के गेहूं क्रय केद्रों पर बोरे का संकट दूर हो गया है। पूर्ति विभाग के सहयोग से 33 क्रय केंद्रों पर 83 हजार 500 बोरे की खेप पहुंचा दी गई है। जिससे एक सप्ताह पूर्व तक खरीद में आने वाली दिक्कत खत्म हो गई है। अब सभी क्रय केंद्रों पर किसानों से खरीद शुरू हो गई। विपणन विभाग के मुताबिक शनिवार तक 237 किसानों से 10, 81 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा गया।
जिले में गेहूं की खरीद के लिए खाद्य विभाग के 17, पीसीएफ के 15 और भारतीय खाद्य निगम के एक समेत कुल 33 क्रय केंद्र संचालित हैं। 30 मार्च से ही खरीद शुरू हो गई है। चार अप्रैल को गोपीगंज के मंडी में डीएम शैलेष कुमार ने अभियान का शुभारंभ कराया। शुरूआत में बोरे की कमी के कारण खरीद प्रभावित हुई। शासन के निर्देश पर कोटे की दुकानों से बोरे को लेकर क्रय केंद्रों पर भेजा गया। एक सप्ताह के अंदर विपणन विभाग ने 83 हजार 500 बोरे की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी।
- शिशिर कुमार, जिला विपणन अधिकारी ने बताया कि बोरे की समस्या खत्म हो चुकी है। राशन डीलर से लगातार बोरे उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 83 हजार 500 बोरे केंद्रो पर भेजे गए हैं। अब तक 10.81 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। जिला विपणन अधिकारी शिशिर कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सभी क्रय केंद्रों पर कॉमन सर्विस सेंटर खुलेंगे। जिससे किसान फार्मर रजिस्ट्री करा सकें। शासन ने अब फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य कर दिया है। उन्हीं किसानों को योजनाओं का लाभ दिया जाएगा, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री यानी किसान पहचान पत्र होगा।
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जिले में गेहूं की खरीद के लिए खाद्य विभाग के 17, पीसीएफ के 15 और भारतीय खाद्य निगम के एक समेत कुल 33 क्रय केंद्र संचालित हैं। 30 मार्च से ही खरीद शुरू हो गई है। चार अप्रैल को गोपीगंज के मंडी में डीएम शैलेष कुमार ने अभियान का शुभारंभ कराया। शुरूआत में बोरे की कमी के कारण खरीद प्रभावित हुई। शासन के निर्देश पर कोटे की दुकानों से बोरे को लेकर क्रय केंद्रों पर भेजा गया। एक सप्ताह के अंदर विपणन विभाग ने 83 हजार 500 बोरे की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी।
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- शिशिर कुमार, जिला विपणन अधिकारी ने बताया कि बोरे की समस्या खत्म हो चुकी है। राशन डीलर से लगातार बोरे उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 83 हजार 500 बोरे केंद्रो पर भेजे गए हैं। अब तक 10.81 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। जिला विपणन अधिकारी शिशिर कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सभी क्रय केंद्रों पर कॉमन सर्विस सेंटर खुलेंगे। जिससे किसान फार्मर रजिस्ट्री करा सकें। शासन ने अब फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य कर दिया है। उन्हीं किसानों को योजनाओं का लाभ दिया जाएगा, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री यानी किसान पहचान पत्र होगा।
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