शबाश! चाय बेचने वाले की बेटी बनी नेशनल खिलाड़ी
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अविभाजित भारत के प्रसिद्ध कवि, नेता और दार्शनिक अल्लामा इकबाल के मशहूर शेर "खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर से पहले, खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है " को वाराणसी के एक चाय बेचने वाले की बेटी ने न सिर्फ जिया, बल्कि अपनी जिंदगी में अपनाकर औरों के लिए मिसाल भी बन गई है। वाराणसी के सुंदरपुर के छेदीलाल ने वहीं के प्राथमिक कन्या विद्यालय के पास चाय की दुकान शुरू ही इसलिए किया था, ताकि बेटी आगे खेल सके।
बेटी पूजा ने भी पिता के सपने को सच किया और 17 वर्षीय कबड्डी खिलाड़ी पूजा सिंह ने स्टेट और नेशनल लेवल की प्रतियोगिता में खेलने के साथ ही खेलो इंडिया में कांस्य पदक जीता। जिसकी बदौलत पूजा ने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित साई (भारतीय खेल प्राधिकरण) हास्टल में जगह बनाई है। छह साल पहले मां शांति ने मोहल्ले की लड़कियों को देखकर पूजा को भी कबड्डी खेलने के लिए कहा था। मां की बात मानते हुए पूजा ने गांधी मेमोरियल स्कूल में कक्षा आठ से कबड्डी खेलना शुरू किया।
पूजा ने दो बार सब जूनियर स्टेट प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया। बेटी की लगन और मेहनत को देखकर पिता छेदीलाल ने मजदूरी के अलावा सुंदरपुर में ही प्राथमिक कन्या विद्यालय के पास चाय की दुकान शुरू कर दी, ताकि बेटी आगे खेल सके। मां-बाप के मिलते प्रोत्साहन से पूजा का हौसला और बुलंद हुआ। आगे की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पूजा पूर्व नेशनल खिलाड़ी और पूर्वांचल विवि में महिला कबड्डी कोच रह चुके धीरज प्रसाद के पास पहुंचीं।
धीरज ने भी पूजा के जुनून को भांपते हुए कबड्डी के गुर सिखाना शुरू किया। जिनके प्रशिक्षण की बदौलत राइट कवर की भूमिका में पूजा ने पुणे में आयोजित अंडर-17 खेलो इंडिया 2019 में कांस्य पदक जीता। इससे पहले दो बार सब जूनियर में नेशनल प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया। इसके अलावा पूर्वांचल विवि से बीए की पढ़ाई के दौरान 2019-20 के पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता में भी अपना दमखम दिखा चुकी हैं।
मोहल्ले की दीदी लोगों को देखकर मां ने मुझे भी खेलने को कहा था। जिसके बाद पापा ने भी मेरा बहुत सहयोग किया। साई सेंटर जाने से पहले मैं रोजाना अपने कोच के देखरेख में पांच बजे से सात बजे तक अभ्यास करती हूं। इसके अलावा सुबह के वक्त एक घंटे शारीरिक व्यायाम भी करती हूं। अगर हर खिलाड़ी मेहनत करे तो वह आगे बढ़ सकता है।
पूजा सिंह, कबड्डी खिलाड़ी