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बुनकरों को 40 हजार में मिलेगी मशीन: पेन ड्राइव के जरिए फटाफट डिजाइन होंगी बनारसी साड़ियां, सरकार से मिलेगी मदद
Thu, 18 Aug 2022 04:51 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Thu, 18 Aug 2022 04:51 PM IST
सार
बुनकर सेवा केंद्र की ओर से बुनकरों के लिए इलेक्ट्रॉनिक जकार्ड मशीन लगाएं जाएंगे। इस जकार्ड के जरिए बुनकर कम समय में ज्यादा से ज्यादा साड़ियों को डिजाइन कर सकेंगे। इलेक्ट्रॉनिक जकार्ड में लगे मशीन में पेन ड्राइव के जरिए डिजाइन को सीधे हथकरघा से साड़ियों पर उकेरा जा सकेगा।
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इलेक्ट्रिक जकार्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हथकरघा बुनकर अब इलेक्ट्रिक जकार्ड से साड़ियों पर डिजाइन उकेर सकेंगे। इसके लिए बुनकर सेवा केंद्र की ओर से बुनकरों के लिए इलेक्ट्रॉनिक जकार्ड मशीन लगाएं जाएंगे। इस जकार्ड के जरिए बुनकर कम समय में ज्यादा से ज्यादा साड़ियों को डिजाइन कर सकेंगे।
इससे पहले बुनकरों को डिजाइन के बाद कार्ड पंचिंग का काम करना पड़ता था जिसमें एक हफ्ते तक का समय लगता था। लेकिन इस मशीन की मदद से इस पूरे झंझट से बुनकरों को मुक्ति मिल जाएगी। इस मशीन में लगी मोटर से बुनकरों को बुनाई के वक्त कम मेहनत करनी पड़ेगी। इससे उनके काम की क्षमता भी बढ़ेगी। अधिक से अधिक बनारसी साड़ियों की बुनाई कर सकेंगे। इलेक्ट्रॉनिक जकार्ड में लगे मशीन में पेन ड्राइव के जरिए डिजाइन को सीधे हथकरघा से साड़ियों पर उकेरा जा सकेगा।
केंद्र सरकार देगी 2 लाख 70 हजार की सब्सिडी
वाराणसी बुनकर सेवा केंद्र के उपनिदेशक संदीप पु. ठुबरीकर ने बताया कि एक इलेक्ट्रॉनिक जकार्ड मशीन की कीमत तीन लाख 10 हजार रुपए है। केंद्र सरकार दो लाख 70 हजार रुपए की सब्सिडी देगी। वहीं बुनकरों को मशीन को 40 हजार रूपए देने होंगे। इससे बुनकरों को काफी मदद मिलेगी।
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15 इलेक्ट्रॉनिक जकार्ड लगने की मिली स्वीकृति
उन्होंने बताया कि विकास आयुक्त हथकरघा कार्यालय (केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय) की ओर से 15 इलेक्ट्रॉनिक जकार्ड लगाने की मंजूरी मिल गई है। ये 15 जकार्ड रामनगर, गंगापुर एवं छोलापुर में लगाए जाएंगे। इसके ट्रायल के लिए रामनगर के सेमरा में एक जकार्ड लगाया गया है। उन्होंने बताया कि इस जकार्ड के लिए अभी तक 100 नए आवेदन आ चुके हैं। इन आवेदनों को सत्यापन के लिए चयन समिति को भेजा जाएगा। उसमें से प्रात्र पाए गए बुनकरों की सूची शासन को भेजी जाएगी।
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इससे पहले बुनकरों को डिजाइन के बाद कार्ड पंचिंग का काम करना पड़ता था जिसमें एक हफ्ते तक का समय लगता था। लेकिन इस मशीन की मदद से इस पूरे झंझट से बुनकरों को मुक्ति मिल जाएगी। इस मशीन में लगी मोटर से बुनकरों को बुनाई के वक्त कम मेहनत करनी पड़ेगी। इससे उनके काम की क्षमता भी बढ़ेगी। अधिक से अधिक बनारसी साड़ियों की बुनाई कर सकेंगे। इलेक्ट्रॉनिक जकार्ड में लगे मशीन में पेन ड्राइव के जरिए डिजाइन को सीधे हथकरघा से साड़ियों पर उकेरा जा सकेगा।
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केंद्र सरकार देगी 2 लाख 70 हजार की सब्सिडी
वाराणसी बुनकर सेवा केंद्र के उपनिदेशक संदीप पु. ठुबरीकर ने बताया कि एक इलेक्ट्रॉनिक जकार्ड मशीन की कीमत तीन लाख 10 हजार रुपए है। केंद्र सरकार दो लाख 70 हजार रुपए की सब्सिडी देगी। वहीं बुनकरों को मशीन को 40 हजार रूपए देने होंगे। इससे बुनकरों को काफी मदद मिलेगी।
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15 इलेक्ट्रॉनिक जकार्ड लगने की मिली स्वीकृति
उन्होंने बताया कि विकास आयुक्त हथकरघा कार्यालय (केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय) की ओर से 15 इलेक्ट्रॉनिक जकार्ड लगाने की मंजूरी मिल गई है। ये 15 जकार्ड रामनगर, गंगापुर एवं छोलापुर में लगाए जाएंगे। इसके ट्रायल के लिए रामनगर के सेमरा में एक जकार्ड लगाया गया है। उन्होंने बताया कि इस जकार्ड के लिए अभी तक 100 नए आवेदन आ चुके हैं। इन आवेदनों को सत्यापन के लिए चयन समिति को भेजा जाएगा। उसमें से प्रात्र पाए गए बुनकरों की सूची शासन को भेजी जाएगी।