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बूंदाबांदी के साथ ठंड का हुआ अहसास
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वाराणसी। शनिवार को बूंदाबांदी के बाद रविवार को भी मौसम का मिजाज बदला रहा। दिनभर बदली छाए रहने के साथ ही रुक रुक कर बूंदाबांदी होती रही। इस बीच पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में भी पांच डिग्री कमी आई है। हालांकि मौसम के इस बदलाव का असर खेती-किसानी पर तो नहीं पड़ेगा लेकिन इसके बाद ठंड बढ़ेगी।
शनिवार दोपहर बाद से आए मौसम में बदलाव का असर अभी एक दो दिन और देखने को मिल सकता है। इस बीच दूसरे दिन रविवार को लोग दिन अच्छा होने की उम्मीद लगाए थे लेकिन बूंदाबांदी के साथ ही पूरे दिन धूप नहीं निकला। इसके अलावा सामान्य दिनों की तुलना में शहर में कुछ जगहों पर धुंध भी दिख रही थी। शनिवार को अधिकतम तापमान जहां 32 डिग्री सेल्सियस रहा वहीं रविवार को इसमें पांच डिग्री की कमी दर्ज की गई। इसके अलावा पिछले 24 घंटे में 1.1 मिलीमीटर बारिश भी हुई। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय का कहना है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक से डेढ़ किलोमीटर तक का बना है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ और नम पुरवा हवाएं चलने का असर है। इसी वजह से बूंदाबांदी हो रही है।
खेती को कोई नुकसान नहीं
मौसम के इस बदलाव से खेती को कोई नुकसान नहीं होगा। जिला कृषि अधिकारी का कहना है कि अब जबकि धान की फसल कटने वाली है। ऐसे में इस तरह की हल्की बूंदाबांदी से उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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शनिवार दोपहर बाद से आए मौसम में बदलाव का असर अभी एक दो दिन और देखने को मिल सकता है। इस बीच दूसरे दिन रविवार को लोग दिन अच्छा होने की उम्मीद लगाए थे लेकिन बूंदाबांदी के साथ ही पूरे दिन धूप नहीं निकला। इसके अलावा सामान्य दिनों की तुलना में शहर में कुछ जगहों पर धुंध भी दिख रही थी। शनिवार को अधिकतम तापमान जहां 32 डिग्री सेल्सियस रहा वहीं रविवार को इसमें पांच डिग्री की कमी दर्ज की गई। इसके अलावा पिछले 24 घंटे में 1.1 मिलीमीटर बारिश भी हुई। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय का कहना है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक से डेढ़ किलोमीटर तक का बना है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ और नम पुरवा हवाएं चलने का असर है। इसी वजह से बूंदाबांदी हो रही है।
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खेती को कोई नुकसान नहीं
मौसम के इस बदलाव से खेती को कोई नुकसान नहीं होगा। जिला कृषि अधिकारी का कहना है कि अब जबकि धान की फसल कटने वाली है। ऐसे में इस तरह की हल्की बूंदाबांदी से उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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