बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ीं: बनारस में आज भी नहीं निकली धूप, ठंड के बीच छाए हैं बादल, जानें कैसा रहेगा मौसम
वाराणसी में बृहस्पतिवार देर शाम से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी और जम्मू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की वजह से ही मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।
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वाराणसी समेत आसपास के जिलों में गुरुवार देर शाम हुई बारिश के बाद से किसानों की मुश्किलें बढ़ी गईं हैं। शुक्रवार सुबह से धूप नहीं निकली है। वातावरण में बारिश और बादलों का असर काबिज है। बारिश और नम हवाओं के कारण ठंड में भी इजाफा हुआ है। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी और जम्मू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की वजह से ही मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।
मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि गुरुवार को 15 से 20 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चली। बंगाल की खाड़ी से नमी आने की वजह से ही तूफान जैसा माहौल रहा। छह फरवरी तक मौसम ऐसे ही रहने की संभावना है।
गुरुवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।
गेहूं और सरसों की फसलों को नुकसान
गरज चमक संग बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। जानकारों के अनुसार, सब्जियों के साथ-साथ गेहूं और सरसों की फसलों को नुकसान होगा। साथ ही जायद की फसलों की बुआई भी प्रभावित होगी।
कृषि विज्ञान केंद्र कल्लीपुर के प्रभारी डॉ. नरेंद्र रघुवंशी के मुताबिक, बारिश और ओलावृष्टि से फूल वाली फसल जैसे सरसों, चना, मटर को पांच से 10 प्रतिशत तक नुकसान होगा। बारिश के बाद अगर तेज हवा चली तो गेहूं के फसल गिरने की संभावना है। जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्त ने बताया कि बौर लगने वाले आम के पेड़ों पर इस बारिश का कोई असर नहीं होगा।