कड़ाके की सर्दी में भी भक्ति का भाव: बनारस में श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में आस्था की डूबकी, मंदिरों में टेका मत्था
एक श्रद्धालु ने कहा- काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का नया निर्माण और नववर्ष में मां गंगा नदी में स्नान, अगर यह सब एक साथ प्राप्त हो रहा तो ठंड इतना महत्व नहीं रखती, वह तो आती जाती रहेगी।
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ठंड में जहां पारा लगातार लुढ़कता जा रहा है लेकिन इसके बावजूद भी लोग वाराणसी के गंगा घाट पर स्नान करते दिखे। नववर्ष मनाने के लिए बनारस पहुंचे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने रविवार को मां गंगा में आस्था की डुबकी लगायी। गंगा स्नान के बाद भक्तों ने काशी विश्वनाथ से लेकर शहर के प्रमुख मंदिरों में जाकर मत्था टेका। ठिठुरन भरी ठंड की भी भक्तों को परवाह नहीं रही।
पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी के कारण आराम से सभी ने गंगा स्नान किया। मीडिया से बाचतीच में एक श्रद्धालु ने कहा- काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का नया निर्माण और नववर्ष में मां गंगा नदी में स्नान, अगर यह सब एक साथ प्राप्त हो रहा तो ठंड इतना महत्व नहीं रखती, वह तो आती जाती रहेगी।
उत्तर प्रदेश: ठंड और कोहरे के बीच वाराणसी में श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में डुबकी लगाई।
एक श्रद्धालु ने बताया, “विश्वनाथ कॉरिडोर का नया निर्माण और नववर्ष में मां गंगा नदी में स्नान, अगर यह सब एक साथ प्राप्त हो रहा तो ठंड इतना महत्व नहीं रखती, वह तो आती जाती रहेगी।” pic.twitter.com/JTuXMtgEKeविज्ञापन विज्ञापन— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 2, 2022
भीषण सर्दी और कोहरे में भी रविवार सुबह से काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार दिखी। शनिवार को साल के पहले दिन भक्तों का रेला उमड़ा था। सुबह से देर रात तक भक्तों की अटूट कतार लगी रही और शयन आरती तक बाबा के दरबार में पांच लाख से अधिक भक्तों ने शीश नवाया।