धोखाधड़ी से बचने की जुगत: वाराणसी नगर निगम में बंद होगा नकद लेनदेन, हर तरह का शुल्क ऑनलाइन जमा होगा
धोखाधड़ी और गबन के आरोपों से बचने के लिए वाराणसी नगर निगम इसी महीने से नकद लेनदेन बंद करेगा। सीवर, जल और गृह कर भी ऑनलाइन जमा कराया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
धोखाधड़ी और गबन के आरोपों से बचने के लिए वाराणसी नगर निगम इसी महीने से नकद लेनदेन बंद करेगा। सीवर, जल और गृह कर भी ऑनलाइन जमा कराया जाएगा। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र का शुल्क ऑनलाइन जमा होगा। इसके लिए सभी टैक्स कलेक्शन सेंटर पर क्यूआर कोड उपलब्ध कराए जाएंगे।
गृह, जल और सीवर कर जमा कराने के लिए अक्सर चेक दिया जाता है। 50 से ज्यादा चेक बाउंस हो गए। इसी बीच कई कर्मचारियों ने गृह कर जमा करने की रसीद दी, लेकिन पैसा नगर निगम के बैंक खाते में नहीं जमा हुआ। इसे देखते हुए ही नगर आयुक्त शिपू गिरी ने पूरी व्यवस्था में बदलाव का फैसला लिया। तय किया कि अब किसी भी प्रकार का लेनदेन नकद नहीं होगा।
नई व्यवस्था का फायदा जनता को मिलेगा
सभी तरह के कर, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, दाखिल-खारिज के शुल्क ऑनलाइन जमा कराए जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी कंप्यूटर सेल को मिली है। आठों जोन के टैक्स कलेक्शन सेंटर को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। जहां भी नकद लेनदेन होता है, वहां क्यूआर कोड रखवाए जा रहे हैं। नई व्यवस्था का फायदा जनता को मिलेगा। वह नकद की जगह ऑनलाइन शुल्क जमा कर सकेंगे। नगर आयुक्त शिपू गिरि ने कहा कि इसी महीने से सभी जगहों पर डिजिटल लेनदेन किया जाएगा। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी। जनता को भी सहूलियत मिलेगी।
गृहकर में 10 प्रतिशत की छूट अब 31 अक्तूबर तक
नवरात्र, दशहरा और जीआईएस सर्वे में आई आपत्तियों को देखते हुए नगर निगम ने गृहकर में छूट की अवधि 16 दिन और बढ़ा दी है। अब 31 अक्टूबर तक गृहकर जमा कर सकेत हैं। मेयर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त शिपू गिरि की ओर से जारी पत्र के मुताबिक इसके बाद तारीख नहीं बढ़ाई जाएगी। इस दौरान गृहकर जमा करने वालों को 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
पहले यह छूट 15 अक्तूबर तक थी। रविवार को 682 लोगों ने 32.63 लाख रुपये जमा कराए। अवकाश के दिन नगर निगम के जोनल कार्यालयों के सभी टैक्स कलेक्शन सेंटर खुले रहे। इस बार गृहकर मद में वसूली के लिए लक्ष्य 84 करोड़ रुपये रखा गया है। अब तक 2.20 लाख भवन स्वामियों में से 89449 ने 34.71 करोड़ रुपये जमाकर छूट का लाभ लिया है।