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Ballia News: नदियों का घटने लगा जलस्तर, लेकिन साथ में बढ़ीं दुश्वारियां, सरयू अभी लाल निशान से 74 सेमी अधिक
Wed, 19 Oct 2022 07:07 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 19 Oct 2022 07:07 AM IST
सार
जिले में गंगा व सरयू का जलस्तर लगातार घटाव पर है। नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद आई बाढ़ से जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हैं वहीं बड़े पैमाने पर खरीफ फसलों व सब्जियों का नुकसान हुआ है।
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बलिया में बाढ़ का पानी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले में गंगा व सरयू के जलस्तर में लगातार गिरावट हो रही है। इस बीच बड़े पैमाने पर फसलों का नुकसान हुआ है। बाढ़ के पानी से निचले इलाके के लोग परेशान हैं। हालांकि सरयू का जलस्तर अभी भी खतरा बिंद से 74 सेमी अधिक है। इसको लेकर तटवर्ती इलाके के लोग सशंकित हैं। जिले में गंगा व सरयू का जलस्तर लगातार घटाव पर है। नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद आई बाढ़ से जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हैं वहीं बड़े पैमाने पर खरीफ फसलों व सब्जियों का नुकसान हुआ है। बताया जाता है नदियों के किनारे बड़े पैमान पर सब्जी की खेती होती है जो पूरी तरह तबाह हो चुकी है।
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बलिया में बाढ़ की आशंका
- फोटो : अमर उजाला
बेल्थरारोड में खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर बहने वाली सरयू नदी के तेवर नरम पड़ गए हैं। पिछले दस दिनों तक रौद्र रूप अख्तियार करने के बाद नदी के जलस्तर में निरंतर गिरावट हो रही है। जिससे बाढ़ का खतरा फिलहाल टल गया है। बावजूद बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार की शाम जल स्तर 64.750 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो लाल निशान 64.010 मीटर से 74 सेंटीमीटर अधिक है। आयोग का कहना है कि दो-दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में गिरावट हो रही है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में कमी होने का पूर्वानुमान किया है।
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जलस्तर में गिरावट होने से तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है। फिर भी नदी के मिजाज में अप्रत्याशित परिवर्तन को लेकर तटवर्ती लोग सशंकित हैं। जलस्तर में कमी के बावजूद लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। टीएस बंधा के उत्तर व दक्षिण तरफ की सब्जी, मूंगफली, मक्का, अरहर आदि फसल बर्बाद हो गई। तटवर्ती गांवों में बाढ़ का पानी लगा हुआ है। कई गावों के संपर्क मार्ग टूट गए हैं। रेगुलेटरों पर पानी का दबाव बना हुआ है।
सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित कठौड़ा, चकहाजी उर्फ शेखपुर, पिलुई आदि गांव में मंगलवार को अपर उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर शैलेंद्र चौधरी द्वारा राहत सामग्री वितरित किया गया। उन्होंने कहा कि जो भी गांव प्रभावित हैं उनको राशन व अन्य उपयोगी सामान वितरित किया जा रहा है।
सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित कठौड़ा, चकहाजी उर्फ शेखपुर, पिलुई आदि गांव में मंगलवार को अपर उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर शैलेंद्र चौधरी द्वारा राहत सामग्री वितरित किया गया। उन्होंने कहा कि जो भी गांव प्रभावित हैं उनको राशन व अन्य उपयोगी सामान वितरित किया जा रहा है।