{"_id":"6300b6ff0bdbd960791b2adc","slug":"water-level-of-river-ganga-reaches-danger-mark-several-ghats-surrounding-areas-inundated","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाराणसी में खतरे के निशान पर गंगा: कई घाट जलमग्न...अलर्ट पर प्रशासन, पेट्रोलिंग शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाराणसी में खतरे के निशान पर गंगा: कई घाट जलमग्न...अलर्ट पर प्रशासन, पेट्रोलिंग शुरू
Sat, 20 Aug 2022 04:04 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Sat, 20 Aug 2022 04:04 PM IST
सार
गंगा का बढ़ता जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया है। कई घाट और आसपास के इलाके जलमग्न हो गए हैं। जिसके चलते प्रशासन अलर्ट पर है और पेट्रोलिंग शुरू कर दी है।
विज्ञापन
गंगा का जलस्तर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी में गंगा का रुख अब डराने लगा है। गंगा का बढ़ता जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया है। कई घाट और आसपास के इलाके जलमग्न हो गए हैं। जिसके चलते प्रशासन अलर्ट पर है और पेट्रोलिंग शुरू कर दी है।
विज्ञापन
बता दें कि जलस्तर में बढ़ाव के चलते वरुणा में पलट प्रवाह तेज हो गया है और इसके कारण वहां की आबादी का पलायन भी शुरू हो गया है। घरों के दरवाजे तक पानी पहुंच गया है। वरुणा क्षेत्र के नखी घाट, दीनदयालपुर, मीरा घाट, में रहने वाली आबादी अपना-अपना बोरिया-बिस्तर बांधकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगी हैं। इधर, 84 घाटों को डूबो चुकी गंगा अब सड़कों व गलियों के रास्ते शहरी आबादी की ओर भी रुख कर चुकी हैं। दशाश्वमेध घाट स्थित अतिप्राचीन सिद्धपीठ शीतला माता मंदिर का अब कुछ ही हिस्सा पानी में डूबने से बचा हुआ है।
दूसरी ओर काशी के महाश्मशान घाटों पर शवदाह के लिए दिक्कत बढ़ गयी है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्रघाट पर शवदाह के लिए दो से ढाई घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। मणिकर्णिका घाट पर जहां ऊंचाई पर स्थित मचान में चिताएं जल रही हैं तो दूसरी ओर हरिश्चंद्र घाट के ठीक ऊपर संकरी गली में शवदाह हो रहा है। वहां जगह कम होने के कारण एक बार में एक ही चिता जलायी जा रही है।
विज्ञापन
Varanasi, Uttar Pradesh | Water level of river Ganga reaches danger mark, several ghats, surrounding areas inundated. Administration on alert, begins patrolling. pic.twitter.com/9WiydeFVqL
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) August 20, 2022विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि जलस्तर में बढ़ाव के चलते वरुणा में पलट प्रवाह तेज हो गया है और इसके कारण वहां की आबादी का पलायन भी शुरू हो गया है। घरों के दरवाजे तक पानी पहुंच गया है। वरुणा क्षेत्र के नखी घाट, दीनदयालपुर, मीरा घाट, में रहने वाली आबादी अपना-अपना बोरिया-बिस्तर बांधकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगी हैं। इधर, 84 घाटों को डूबो चुकी गंगा अब सड़कों व गलियों के रास्ते शहरी आबादी की ओर भी रुख कर चुकी हैं। दशाश्वमेध घाट स्थित अतिप्राचीन सिद्धपीठ शीतला माता मंदिर का अब कुछ ही हिस्सा पानी में डूबने से बचा हुआ है।
दूसरी ओर काशी के महाश्मशान घाटों पर शवदाह के लिए दिक्कत बढ़ गयी है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्रघाट पर शवदाह के लिए दो से ढाई घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। मणिकर्णिका घाट पर जहां ऊंचाई पर स्थित मचान में चिताएं जल रही हैं तो दूसरी ओर हरिश्चंद्र घाट के ठीक ऊपर संकरी गली में शवदाह हो रहा है। वहां जगह कम होने के कारण एक बार में एक ही चिता जलायी जा रही है।