फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   water draineg system

स्टार्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम नहीं आया काम, शहर की पांचों जोन में जलभराव

Tue, 20 Aug 2019 01:30 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 20 Aug 2019 01:30 AM IST
विज्ञापन
water draineg system
वाराणसी। दो दिन की बरसात ने काशी के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी। 253 करोड़ रुपये खर्च कर तैयार की गई स्टार्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम किसी काम नहीं आया। शहर के मोहल्ले अब भी जलभराव से जूझ रहे हैं।
विज्ञापन

स्टार्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम योजना 2009 में 253 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुई। वर्ष 2015 में इसे पूरा करने का दावा किया गया। मई 2016 में नगर निगम और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की संयुक्त टीम बनाकर पांचों जोन में जांच कराई गई तो इसमें कई खामियां मिलीं। इसके कारण नगर निगम ने स्टार्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम को लेने से इंकार कर दिया था। सर्वे में यह भी पता चला कि ड्रेनेज सिस्टम को जगह-जगह बंद कर दिया गया है।
विज्ञापन

जांच रिपोर्ट के अनुसार, वरुणापार जोन में ड्रेनेज, मैनहोल, कैच पिट, गली पिट 70 प्रतिशत से अधिक सड़क के नीचे ढके हुए हैं। भेलूपुर जोन, दशाश्वमेध जोन, आदमपुर जोन और कोतवाली जोन में स्टार्म वाटर ड्रेन के ऊपर बनाए गए मैनहोल सड़क से ऊंचे हैं, कुछ सड़क के नीचे दबे हुए हैं। कैच पिट 70 फीसदी से अधिक सड़क के नीचे दबे हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के परियोजना प्रबंधक एसके बर्मन ने बताया कि स्टार्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम अब तक नगर निगम को हैंडओवर नहीं किया जा सका है। बंद जालियां व काकपिट खुलवाने के लिए गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने तीन करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की थी, जिसे राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने खारिज कर दिया। उधर, जलकल के जीएम नीरज गौड़ का कहना है कि जलभराव वाले इलाकों में मैनहोल को ही ढक दिया गया। इसे दुरुस्त करने के लिए पीडब्ल्यूडी और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई को पत्र भेजा गया है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला है।

बजरडीहा, कमलगढ़हा, तेलियाबाग, शिवपुरवा, हुकुलगंज, सरसौली, नई बस्ती, सरायसुर्जन, दनियालपुर, नवाबगंज, पांडेयपुर, शिवपुर, जोल्हा, हबीबपुरा, पहडि़या, नरिया, अलईपुरा, डिठोरी महाल, जलालीपुरा, खोजवां, नवापुरा, कोनिया, सलेमपुरा, ईश्वरगंगी, काजीपुरा, कतुआपुरा, भदैनी, धूपचंडी, रानीपुर, लहंगपुरा, सरैयां, पानदरीबा, लल्लापुरा, दारानगर, छित्तनपुरा, जमालुद्दीनपुरा, आगागंज, रसूलपुरा, कच्चीबंधू बाग, कमालपुरा आदि वार्डों में काफी खराब हालत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed