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स्वच्छता के पहरुओं के प्रयासों पर पलीता
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 22 Jan 2017 01:59 AM IST
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वाराणसी में स्वच्छता अभियान का हाल
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स्वच्छ भारत अभियान के तहत देश भर में शुरू हुए स्वच्छता सर्वे में काशी को अहम मुकाम दिलाने की कोशिशों को साफ-सफाई के प्रति लापरवाह लोग पलीता लगा रहे हैं। सर्वे के मद्देनजर काशी को चमकाने के प्रयास में नगर निगम प्रशासन के साथ स्वयंसेवी संस्थाएं, सामाजिक संगठनों के लोग भी जुटे हैं। निजी सफाई एजेंसियों के जरिए तिराहों, चौराहों और प्रमुख सड़कों से गली-मुहल्लों तक नियमित कूड़ा निस्तारण के अलावा सरकारी एवं निजी भवनों पर वाल राइटिंग, पोस्टर-बैनर और विविध कार्यक्रमों के जरिये लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लेकिन, लोग वाल राइटिंग और पेंटिंग पर पोस्टर चिपका दे रहे हैं, वहीं बाकी हिस्से पान की पीक से बदरंग हो रहे हैं। शहरवासियों से सफाई में सहयोग की अपील का भी गंदगी फैलाने वालों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
नगर निगम ने सफाई व्यवस्था में सहयोग के लिए सफाई दूत बनाया है लेकिन ये आयोजनों, कार्यक्रमों में ही सिर्फ नजर आते हैं। नाम के लिए पोस्टर बैनर तो लगाए गए हैं लेकिन जागरूकता की मुहिम कहीं नहीं दिखती। स्वच्छता एप की डाउनलोडिंग और मैसेज की मुहिम से बड़ा तबका अब तक नहीं जुड़ पाया है। दीवारों पर लिखवाए गए जागरूकता संदेश और पेंटिंग्स को भी लोग सुरक्षित नहीं रहने दे रहे हैं। कहीं तो कहीं तो पेंटिंग्स के सामने ही कूड़ा-कचरा बिखरा पड़ा है। जानकारों का कहना है कि नगर निगम को भी अपने प्रयासों में तेजी लानी होगी लेकिन सबसे अधिक जरूरी है कि लोग खुद भी सजग हों।
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नगर निगम ने सफाई व्यवस्था में सहयोग के लिए सफाई दूत बनाया है लेकिन ये आयोजनों, कार्यक्रमों में ही सिर्फ नजर आते हैं। नाम के लिए पोस्टर बैनर तो लगाए गए हैं लेकिन जागरूकता की मुहिम कहीं नहीं दिखती। स्वच्छता एप की डाउनलोडिंग और मैसेज की मुहिम से बड़ा तबका अब तक नहीं जुड़ पाया है। दीवारों पर लिखवाए गए जागरूकता संदेश और पेंटिंग्स को भी लोग सुरक्षित नहीं रहने दे रहे हैं। कहीं तो कहीं तो पेंटिंग्स के सामने ही कूड़ा-कचरा बिखरा पड़ा है। जानकारों का कहना है कि नगर निगम को भी अपने प्रयासों में तेजी लानी होगी लेकिन सबसे अधिक जरूरी है कि लोग खुद भी सजग हों।
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