वॉलीबॉल चैंपियनशिप: रोमांचक जीत की कहानी...विजेता टीम के दोनों कोच की जुबानी, बनाई खास रणनीति; दिखाया दम
Varanasi News: वाराणसी के सिगरा स्टेडियम में आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में महिला और पुरुष टीम के कोच ने अमर उजाला से खास बातचीत की। जीत को लेकर अपनी-अपनी रणनीति भी बताई।
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Sports News: 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप के महिला वर्ग में केरल की टीम ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखते हुए लगातार छठी बार खिताब अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में केरल ने मजबूत मानी जा रही रेलवे की टीम को हराकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। मैच के बाद केरल की चैंपियन टीम के कोच सदानंदन ने जीत के पीछे की रणनीति और चुनौतियों को साझा किया।
उन्होंने कहा कि रेलवे की टीम ने केरल को कमतर माना जिसका फायदा टीम ने उठाया। कैंप से जिस लिबरो को रेलवे की टीम से बाहर किया गया था, उसे हमने अपनी टीम में शामिल किया और उसी का फायदा मिला।
सदानंदन ने बताया कि केरल की टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की तुलना में युवा खिलाड़ियों की संख्या अधिक थी। रेलवे की टीम संतुलित और मजबूत मानी जा रही थी। रेलवे की टीम बेस्ट थी, लेकिन हमने ब्लॉक के जरिये उन्हें बार-बार गलती करने के लिए मजबूर किया। निर्णायक पांचवें सेट में टीम ने तय रणनीति के मुताबिक खेल दिखाया।
बकौल सदानंदन, पिछले छह फाइनल से हमारा सामना रेलवे से हो रहा है। हर बार खिताब अपने नाम किया है। हम एक-दूसरे की खूबियों और कमियों को अच्छी तरह से जानते हैं। यही कारण है कि मुकाबला हमेशा बेहद कड़ा होता है। उन्होंने कहा कि ठंड के कारण उनकी टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। केरल में पूरे साल मौसम गर्म रहता है।
कूल रहने, अग्रेसिव न होने की रणनीति कारगर रही : गुरजोत
सीनियर नेशनल वॉलीबॉल की पुरुष वर्ग की चैंपियन रेलवे टीम के कोच गुरजोत सिंह ने कहा कि केरल की टीम खिताब की मजबूत दावेदार थी। फाइनल मैच का दबाव दोनों ही टीमों पर था। हमने पहले ही तय कर रखा था कि मैच में ज्यादा आक्रामक नहीं होंगे। अपना स्वाभाविक खेल की खेलेंगे। मैच में खुद का कूल रखेंगे। हमारी रणनीति कारगर रही।
टीम के हरेक खिलाड़ी ने अपना सौ फीसदी प्रदर्शन किया और टीम स्वर्ण पदक की हकदार बनी। मूल रूप से पंजाब के रहने वाले गुरजोत सिंह ने कहा कि मैं महादेव का भक्त हूं। जिस दिन से हम काशी आए हैं, हमारी टीम ने नियमित रूप से बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर उनसे आशीर्वाद लिया है। उन्हीं की कृपा से हमें यह जीत नसीब हुई है।
खराब मौसम की वजह से टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इनडोर कोर्ट में अभ्यास का मौका भी कम मिला मगर तमाम मुश्किलों के बाद भी आज चैंपियन हैं। पूल मैच से ही हमने तय कर लिया था कि हम डिफेंस लाइन का अभेद रखेंगे। हमारे ब्लॉकर्स हर कसौटी पर खरे उतरे।
खिलाड़ियों ने नॉकआउट चरण में गलतियां कम कीं। फाइनल मुकाबले के बारे में पूछे जाने पर रेलवे टीम के कोच ने कहा कि यहां मुकाबला बराबरी का था। मगर हम सीधे सेटों में मुकाबला अपने नाम करने में कामयाब रहे। उन्होंने आयोजन को शानदार बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में खेल और खिलाड़ियों को मिले सम्मान से मन गदगद है।