{"_id":"1fd657ab26186c25e7f9c3947bfb0cad","slug":"vishwanath-temple-will-not-become-slippery-floor-rough-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्वनाथ मंदिर में नहीं होगी फिसलन बनेगा खुरदुरा फर्श ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विश्वनाथ मंदिर में नहीं होगी फिसलन बनेगा खुरदुरा फर्श
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 27 Dec 2015 01:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काशी विश्वनाथ मंदिर में फिसलन से बचने के लिए फ्लेम्ड ग्रेनाइट लगाए जाएंगे। इसके लिए शनिवार को कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम ने तीन जगहों पर प्रयोग के तौर पर फ्लेम्ड ग्रेनाइट लगवाए। मंदिर प्रशासन का कहना है कि अगर यह प्रयोग सफल रहा तो मंदिर परिसर में नए सिरे से ग्रेनाइट का खुरदुरा फर्श बिछाया जाएगा।
फिसलन से अक्सर श्रद्धालुओं के गिरने और चोटहिल होने की घटनाओं को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने संगमरमर के फर्श की जगह फ्लेम्ड ग्रेनाइट लगाने का निर्णय लिया है। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। शनिवार को राजकीय निर्माण निगम के ठेकेदार ने गर्भगृह के पास तीन जगहों पर फ्लेम्ड ग्रेनाइट लगवा दिया।
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पीएन द्विवेदी ने बताया कि इन पत्थरों को टेस्टिंग के तौर पर लगवाया गया है। अगर इससे फिसलन रोकने में कामयाबी मिली तो इन पत्थरों को लगाने की संस्तुति की जाएगी। अन्यथा दूसरा रास्ता निकाला जाएगा। हालांकि कुछ लोग मंदिर में फ्लेम्ड ग्रेनाइट लगाए जाने को उचित नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि इसका इस्तेमाल गलियों में बिछाने के लिए किया जाता रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
फिसलन से अक्सर श्रद्धालुओं के गिरने और चोटहिल होने की घटनाओं को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने संगमरमर के फर्श की जगह फ्लेम्ड ग्रेनाइट लगाने का निर्णय लिया है। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। शनिवार को राजकीय निर्माण निगम के ठेकेदार ने गर्भगृह के पास तीन जगहों पर फ्लेम्ड ग्रेनाइट लगवा दिया।
विज्ञापन
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पीएन द्विवेदी ने बताया कि इन पत्थरों को टेस्टिंग के तौर पर लगवाया गया है। अगर इससे फिसलन रोकने में कामयाबी मिली तो इन पत्थरों को लगाने की संस्तुति की जाएगी। अन्यथा दूसरा रास्ता निकाला जाएगा। हालांकि कुछ लोग मंदिर में फ्लेम्ड ग्रेनाइट लगाए जाने को उचित नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि इसका इस्तेमाल गलियों में बिछाने के लिए किया जाता रहा है।
विज्ञापन