फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Vishwanath temple walls degradation issue in the House, was coined in

विश्वनाथ मंदिर की दीवारों में क्षरण का मुद्दा सदन में गूंजा

Wed, 31 Aug 2016 01:32 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी Updated Wed, 31 Aug 2016 01:32 AM IST
विज्ञापन
Vishwanath temple walls degradation issue in the House, was coined in
काशी विश्वनाथ मंदिर - फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ मंदिर की दीवारों में इनैमल पेंट से हो रहे क्षरण का मुद्दा मंगलवार को विधान परिषद में गूंजा। समाजवादी पार्टी के एमएलसी और उत्तर प्रदेश श्रम सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष शतरूद्र प्रकाश ने विधान परिषद में चिंता जताई कि यदि मंदिर की दीवारों से इनैमल पेंट नहीं हटाया गया तो निकट भविष्य में मंदिर का स्वरूप खत्म हो जाएगा। उन्होंने सरकार से पूछा कि विंध्य पर्वत की शिलाओं से निर्मित मंदिर की दीवारें इनैमल पेंट के चलते दिन प्रतिदिन पोली, जर्जर और कमजोर होती जा रही हैं, फिर भी पेंट क्यों नहीं हटाया गया? इस पर धर्मार्थ कार्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विजय मिश्र की अनुपस्थिति में सदन के नेता अहमद हसन ने कहा कि विश्वनाथ मंदिर की गरिमा और उसके महत्व को देखते हुए मामला बेहद गंभीर है। इसकी जानकारी अफसरों से  ली जाएगी और इस पर कदम उठाया जाएगा।
विज्ञापन


शतरूद्र प्रकाश ने धर्मार्थ कार्य मंत्री से पूछा कि इनैमल पेंट हटाने के बाबत मंदिर प्रशासन द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व निदेशालय की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण से संबंधित अनुसंधान प्रयोगशाला (एनआरएलसी) और केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की से मांगी गई रिपोर्ट क्या है? मंदिर में लगाए गए इनैमल पेंट को अब तक हटाया क्यों नहीं गया? इस पर धर्मार्थ कार्य मंत्री की ओर से तारांकित प्रश्नों के लिखि उत्तर तो दिए गए लेकिन मंत्री की अनुपस्थिति में सदन के नेता बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट अभी आई नहीं है। इस पर शतरूद्र प्रकाश ने बताया कि सीबीआरआई रुड़की की रिपोर्ट आ चुकी है। उसमें उन्होंने दीवारों से पेंट हटाने के लिए कहा गया था।
विज्ञापन


इस पर उन्होंने कहा कि इस मामले में रिपोर्ट छिपाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  मंदिर के  लिए जो बेहतर होगा उसे किया जाएगा। मंत्री की ओर से जारी    इन प्रश्नों के जवाब में कहा गया है कि काशी विश्वनाथ्‍ा मंदिर में इनैमल पेंट वर्ष 2004 में लगाया गया था। हवा, पानी तथा प्राकृतिक प्रभावों के चलते पेंट का अंश धीरे-धीरे क्षरण हो चुका है। परिणाम स्वरूप मंदिर की दीवारों पर इनैमल पेंट का प्रभाव नगण्य है। सीबीआरआई की जांच रिपोर्ट प्रतीक्षित है। रिपोर्ट प्राप्त होने पर यथोचित कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed