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विश्वनाथ मंदिर की गोशाला योजना को मिली हरी झंडी
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Mon, 29 Feb 2016 01:40 AM IST
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मिर्जापुर के ककरही में 45 बीघे जमीन पर गोशाला के साथ ही फार्म हाउस विकसित किया जाएगा। योजना पर दो करोड़ से अधिक खर्च होने का अनुमान है।
गोशाला खोलने की विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद की योजना पर शासन ने कदम बढ़ा दिया है। प्रमुख सचिव (धर्मार्थ कार्य) नवनीत सहगल ने गोशाला का जल्द निर्माण शुरू कराने का निर्देश दिया है। इसके बाद मंदिर प्रशासन ने इस योजना पर काम शुरू कर दिया है। नक्शा तैयार करने की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंपी गई है। नगर आयुक्त हरि प्रताप शाही ने मंदिर प्रशासन को चार दिन के भीतर नक्शा उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है। इसके तहत चुनार के निकट ककरही में गोशाला के साथ ही कृषि फार्म हाउस विकसित किया जाएगा। मंदिर की वहां करीब 45 बीघे जमीन है, इसलिए गोशाला के साथ ही अन्न उपजाने की भी तैयारी है। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पीएन द्विवेदी ने बताया कि मार्च के पहले हफ्ते में नक्शा मिल जाएगा। फिलहाल गोशाला के साथ ही काऊ हास्टल, कर्मचारी, अधिकारी आवास, अतिथि गृह और पशु अस्पताल भी खोला जाएगा। इसके अलावा बेहतर चारे की व्यवस्था के लिए भी अलग से चारागाह बनाने की योजना है। कृषि फार्म हाउस बनाकर वहां फूल और अनाज उत्पादन की भी योजना है, ताकि बाबा के अभिषेक के लिए शुद्ध दूध के साथ ही अपने खेत का फूल भी मिल सके।
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गोशाला खोलने की विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद की योजना पर शासन ने कदम बढ़ा दिया है। प्रमुख सचिव (धर्मार्थ कार्य) नवनीत सहगल ने गोशाला का जल्द निर्माण शुरू कराने का निर्देश दिया है। इसके बाद मंदिर प्रशासन ने इस योजना पर काम शुरू कर दिया है। नक्शा तैयार करने की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंपी गई है। नगर आयुक्त हरि प्रताप शाही ने मंदिर प्रशासन को चार दिन के भीतर नक्शा उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है। इसके तहत चुनार के निकट ककरही में गोशाला के साथ ही कृषि फार्म हाउस विकसित किया जाएगा। मंदिर की वहां करीब 45 बीघे जमीन है, इसलिए गोशाला के साथ ही अन्न उपजाने की भी तैयारी है। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पीएन द्विवेदी ने बताया कि मार्च के पहले हफ्ते में नक्शा मिल जाएगा। फिलहाल गोशाला के साथ ही काऊ हास्टल, कर्मचारी, अधिकारी आवास, अतिथि गृह और पशु अस्पताल भी खोला जाएगा। इसके अलावा बेहतर चारे की व्यवस्था के लिए भी अलग से चारागाह बनाने की योजना है। कृषि फार्म हाउस बनाकर वहां फूल और अनाज उत्पादन की भी योजना है, ताकि बाबा के अभिषेक के लिए शुद्ध दूध के साथ ही अपने खेत का फूल भी मिल सके।