काशी में तैयारी: बाबा के भक्तों के लिए 15 दिसंबर से पहले तैयार होगा विश्वनाथ धाम, प्रधानमंत्री करेंगे लोकार्पण
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का हवाई सर्वेक्षण कर वाराणसी पहुंचे अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी सीधे काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने कहा कि बाबा के भक्तों के लिए 15 दिसंबर से पहले विश्वनाथ धाम तैयार हो जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अपर मुख्य सचिव धर्मार्थ कार्य अवनीश अवस्थी ने रविवार को काशी विश्वनाथ धाम का निरीक्षण कर यहां के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 15 दिसंबर से पहले तक धाम का काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां विधिवत पूजा अर्चना करके बाबा विश्वनाथ का दरबार भक्तों को समर्पित करेंगे।
इस दौरान अपर मुख्य सचिव ने कनाडा से लाई गई 100 वर्ष पुरानी मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा स्थापित करने की जगह का निरीक्षण कर उसकी तैयारियों की भी जानकारी ली। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का हवाई सर्वेक्षण कर वाराणसी पहुंचे अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी सीधे काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने निर्माणाधीन भवन, घाट और प्रवेश द्वारों की मौके की स्थिति देखी।
उन्होंने भवनों के संचालन आदि पर भी अधिकारियों से गहन चर्चा की। इसके बाद समीक्षा बैठक में उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर के बाद खरमास शुरू होने के चलते काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण इससे पहले किया जाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वाराणसी आगमन का समय भी जल्द तय हो जाएगा।
ऐसे में 30 नवंबर तक निर्माण कार्य पूरा कर लें और इसके बाद फिनिशिंग के काम शुरू कराएं। ताकि लोकार्पण से पहले भव्य दरबार दुनिया के सामने दिखाई दे। इससे पहले अपर मुख्य सचिव ने काशी विश्वनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना की। निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने उन्हें मंदिर परिसर में हो रहे निर्माण की जानकारी दी। बैठक में पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, मंदिर के सीईओ डा. सुनील कुमार वर्मा मौजूद रहे।
सीएम के हाथों प्राण-प्रतिष्ठा के बाद शुरू होगी पूजा-अर्चना
मंदिर के ईशान कोण में स्थापित होने वाली मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा 15 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों होगी। इससे एक दिन पहले 14 नवंबर को प्रतिमा मंदिर परिसर में पहुंच जाएगी। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि 15 नवंबर से ही मां अन्नपूर्णा मंदिर में पूजा-अर्चना शुरू करा दी जाए। इसके साथ भक्तों के बीच इस 100 वर्ष पुरानी प्रतिमा और दिव्य स्वरूप का प्रचार-प्रसार भी किया जाए।
संसाधनों को जल्दी करें स्थापित
अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि गंगा घाट से लेकर मंदिर आने वाले मार्ग को प्राथमिकता पर तैयार करने और उसमें उपयोग होने वाले फर्नीचर को जल्द से जल्द मंगा लें। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों से सुरक्षा उपकरण के सामानों को जल्द से जल्द स्थापित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस धाम के उद्घाटन के बाद श्रद्धालुओं को सारी सुविधाएं प्राप्त होने लगे। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि कंपनी द्वारा लगभग 80 पर्सेंट कार्य पूर्ण कर लिया गया है। ढांचागत भवनों के तैयार होने के बाद अब उसमें अंतिम दौर का कार्य चल रहा है, जो समय रहते पूर्ण कर लिया जाएगा।
मंदिर परिसर में स्थापित होंगे विग्रह
मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि निर्माण कार्य के साथ-साथ मंदिरों के जीर्णोद्धार का काम भी तीव्र गति से चल रहा है। इस कार्य को भी अन्य कार्यों के साथ पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके साथ ही मंदिर परिसर में अन्य विग्रहों की भी स्थापना करने की तैयारी कर ली गई है।