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आरएस यादव पर एक और शिकंजा, अब इस मामले में केस दर्ज
Mon, 28 Jan 2019 10:58 AM IST
Sayali Maurya
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: Sayali Maurya
Updated Mon, 28 Jan 2019 10:58 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मिर्जापुर जेल में निरुद्ध निलंबित और बहुचर्चित एआरटीओ (प्रवर्तन) आरएस यादव पर कसा एक और शिकंजा। वाराणसी के कैंट थाने में विजिलेंस ने यादव के नाम पर एक और मुकदमा दर्ज करा दिया है। जिससे आरएस यादव और ज्यादा दिक्कतों में आ गया है।
चंदौली जिले के एआरटीओ (प्रवर्तन) आरएस यादव की मुश्किलें कम नहीं रही हैं। यादव के खिलाफ शनिवार को विजिलेंस इंस्पेक्टर की तहरीर पर कैंट थाने में धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों के साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति और बेनामी संपत्तियां अर्जित करने के आरोप में की गई है। यह मुकदमा यादव की मुसीबतें और बढ़ाएगा। 11 जून, 2017 से यादव वाराणसी जिला जेल में निरुद्ध रहा। बाद में उसे मिर्जापुर जिला जेल भेज दिया गया।
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प्रदेश सरकार के सतर्कता अनुभाग ने 22 जून, 2017 को यादव के खिलाफ जांच करने का निर्देश विजिलेंस की वाराणसी इकाई को दिया था। पांच अक्तूबर, 2018 को प्रदेश सरकार को इसकी रिपोर्ट सौंप दी गई।
इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार सिंह के अनुसार गोरखपुर के सहजनवा थाना के तिवरान गांव के मूल निवासी और कैंट थाना के मकबूल आलम रोड में रहने वाले यादव ने बतौर लोकसेवक एक करोड़ 47 लाख 58 हजार 451 रुपये की संपत्ति अर्जित की।
तहरीर के मुताबिक इसी अवधि में यादव ने 2 करोड़ 63 लाख 56 हजार 802 रुपये खर्च किए। इसके साथ ही यादव ने अपने मृत पिता, मृत मां, मृत सास, पत्नी, दो बेटों, दो बेटियों, दो सालों, कथित कर्मचारी राजमन और कथित ड्राइवर महेंद्र मौर्य के नाम से आय का कूटरचित लेखा-जोखा तैयार करा कर आयकर रिटर्न दाखिल किया। मुकदमे की तफ्तीश विजिलेंस की वाराणसी इकाई करेगी।
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चंदौली जिले के एआरटीओ (प्रवर्तन) आरएस यादव की मुश्किलें कम नहीं रही हैं। यादव के खिलाफ शनिवार को विजिलेंस इंस्पेक्टर की तहरीर पर कैंट थाने में धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों के साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति और बेनामी संपत्तियां अर्जित करने के आरोप में की गई है। यह मुकदमा यादव की मुसीबतें और बढ़ाएगा। 11 जून, 2017 से यादव वाराणसी जिला जेल में निरुद्ध रहा। बाद में उसे मिर्जापुर जिला जेल भेज दिया गया।
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प्रदेश सरकार के सतर्कता अनुभाग ने 22 जून, 2017 को यादव के खिलाफ जांच करने का निर्देश विजिलेंस की वाराणसी इकाई को दिया था। पांच अक्तूबर, 2018 को प्रदेश सरकार को इसकी रिपोर्ट सौंप दी गई।
इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार सिंह के अनुसार गोरखपुर के सहजनवा थाना के तिवरान गांव के मूल निवासी और कैंट थाना के मकबूल आलम रोड में रहने वाले यादव ने बतौर लोकसेवक एक करोड़ 47 लाख 58 हजार 451 रुपये की संपत्ति अर्जित की।
तहरीर के मुताबिक इसी अवधि में यादव ने 2 करोड़ 63 लाख 56 हजार 802 रुपये खर्च किए। इसके साथ ही यादव ने अपने मृत पिता, मृत मां, मृत सास, पत्नी, दो बेटों, दो बेटियों, दो सालों, कथित कर्मचारी राजमन और कथित ड्राइवर महेंद्र मौर्य के नाम से आय का कूटरचित लेखा-जोखा तैयार करा कर आयकर रिटर्न दाखिल किया। मुकदमे की तफ्तीश विजिलेंस की वाराणसी इकाई करेगी।